भोपाल समाचार, 26 जनवरी 2026: आज से पहले तक चेन स्नेचिंग की घटनाएं आम रास्तों पर हुआ करती थी। जहां से अपराधी बड़ी आसानी से फरार हो सकते थे लेकिन आज एक बड़ा गंभीर मामला सामने आ गया है। एम्स जैसे हाई सिक्योरिटी हॉस्पिटल में लिफ्ट के अंदर महिला कर्मचारी की चेन स्नेचिंग हो गई। CCTV कमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अपराधियों की हिम्मत कितनी बढ़ रही है।
AIIMS BHOPAL के तीसरे फ्लोर पर मंगलसूत्र स्नेचिंग करके फरार हो गया
घटना रविवार दिनांक 25 जनवरी 2026 की शाम को हुई है। ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट में महिला कर्मचारी वर्षा सोनी (जो स्त्री रोग विभाग में अटेंडर हैं) ड्यूटी के दौरान लिफ्ट में अकेली थीं। तभी मास्क और टोपी पहने एक युवक लिफ्ट में घुसा और बातचीत का बहाना बनाकर नेत्र रोग विभाग का फ्लोर पूछा। जैसे ही लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची, युवक पहले बाहर निकला और अचानक लौटकर महिला के गले पर झपट्टा मार दिया। आरोपी ने सोने की मोतियों की माला और मंगलसूत्र खींचने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया, लेकिन युवक धक्का देकर सीढ़ियों की ओर भाग निकला। साथ में मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया, जबकि मोतियों की माला टूटकर मौके पर गिर गई।
पुलिस का ढीला रवैया
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के वक्त लिफ्ट एरिया में एक भी सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था। वारदात के बाद पीड़िता करीब दस मिनट तक वहीं बैठी रोती रही। बाद में राउंड पर आए गार्ड ने मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया। महिला कर्मचारी को मामला दर्ज करवाने के लिए बागसेवनिया थाने भेजा गया परंतु पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। सादा कागज पर लिखित शिकायत ली है। एक प्रकार से पुलिस अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गई है। यदि अपराधी पकड़ा गया तो मामला दर्ज कर लेंगे नहीं तो रिकॉर्ड क्लियर है।
छुट्टी के कारण सिक्योरिटी घटा दी थी
रविवार की छुट्टी और 26 जनवरी की वजह से अस्पताल में भीड़ कम थी, इसी आधार पर कई वार्डों और ब्लॉकों में सुरक्षा घटा दी गई थी। जांच करना जरूरी है कि क्या एग्रीमेंट में ऐसा कुछ लिखा हुआ है। यदि भीड़ कम हो या छुट्टी का दिन हो तो सिक्योरिटी घटा दी जाए। कहीं ऐसा तो नहीं कि अपराधी, सिक्योरिटी एजेंसी के किसी कर्मचारी का परिचित है? शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद आईपीडी गेट से निकलकर फरार हो गया। सिक्योरिटी एजेंसी के मुताबिक आरोपी मास्क और टोपी में था, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है।
भोपाल एम्स ने चेन स्नेचिंग का पहला केस
एम्स भोपाल परिसर में पहले चोरी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन महिला को निशाना बनाकर लिफ्ट के अंदर चेन स्नेचिंग का यह पहला मामला है। घटना सामने आने के बाद प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, और पुलिस, सिक्योरिटी एजेंसी की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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