भोपाल समाचार, 27 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) 2023 के वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों, खासकर महिलाओं की नियुक्ति का लंबा इंतजार अब एक बड़ा संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। एक महिला अभ्यर्थी Shalini Purohit ने BhopalSamachar.com को भेजे ईमेल में अपनी व्यथा व्यक्त की है और सरकार से तत्काल ध्यान देने की गुहार लगाई है।
कड़ी मेहनत से दो-दो परीक्षाएं पास कीं फिर भी नियुक्ति नहीं मिली
ईमेल में शालिनी पुरोहित ने बताया कि वह 2023 से वर्ग-1 की वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने और अन्य कई अभ्यर्थियों ने कड़ी मेहनत से दो-दो परीक्षाएं पास कीं, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब या कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे उनकी जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कई आंदोलन किए, प्रदर्शन किए, लेकिन फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शालिनी ने कहा, "हम महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हैं। हमारी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।"
जब पद रिक्त हैं तो फिर लिस्ट में वेटिंग क्यों
यह मामला मध्य प्रदेश की उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 से जुड़ा है, जिसमें कुल 8420 पदों की घोषणा हुई थी, लेकिन अंततः केवल लगभग 2900-5000 पदों पर ही नियुक्तियां हुईं। शेष पदों पर वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश में हजारों शिक्षक पद खाली हैं, फिर भी वेटिंग अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल रहा। अभ्यर्थी लगातार भोपाल में रैली, दंडवत यात्रा, हवन और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग की मांग प्रमुख है।
कुछ महिला अभ्यर्थियों ने पहले भी चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे कड़े कदम (जैसे बाल मुंडवाना) उठाने को मजबूर होंगी। यह स्थिति न केवल अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिंदगी को प्रभावित कर रही है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में रिक्त पदों के कारण छात्रों की पढ़ाई पर भी असर डाल रही है।
सरकार से अपेक्षा है कि वह जल्द से जल्द वेटिंग लिस्ट से योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे और खाली पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए। भोपाल समाचार इस मुद्दे पर अभ्यर्थियों की आवाज को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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