शालिनी शुक्ला, नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026: डाक विभाग के कर्मचारियों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) ने आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया के बीच में नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी - स्टाफ साइड) को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें सबसे मुख्य बिंदु यह है कि, केंद्रीय कर्मचारियों का हर साल सैलेरी इंक्रीमेंट किया जाना चाहिए।
FNPO के प्रमुख प्रस्ताव:
ये प्रस्ताव FNPO के महासचिव शिवाजी वासिरेड्डी द्वारा दिए गए हैं, जो NCJCM (स्टाफ साइड) के सदस्य भी हैं। FNPO ने एक विस्तृत पत्र/मेमोरेंडम (करीब 60 पेज) में ये सिफारिशें भेजी हैं। इसमें प्रमुख इस प्रकार हैं:-
- FNPO ने मल्टी-लेवल या ग्रेडेड फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जो 3.0 से 3.25 के बीच हो। लेवल 1 से 5 (ग्रुप C कर्मचारी) के लिए 3.0 का सुझाव दिया गया है, जिससे न्यूनतम बेसिक पे (वर्तमान में ₹18,000) बढ़कर ₹54,000 हो सकता है।
- उच्च लेवल (ग्रुप A, B आदि) के लिए 3.25 तक का फैक्टर प्रस्तावित है, ताकि पिछले आयोगों में हुई असमानताओं को दूर किया जा सके और सभी स्तरों पर न्याय हो।
- Annual Increment: वर्तमान 3% की बजाय 5% सालाना वृद्धि की मांग की गई है। इससे कर्मचारियों की आय में बेहतर बढ़ोतरी होगी, खासकर उन ग्रुप C और D कर्मचारियों के लिए जहां प्रमोशन कम होते हैं।
- पे मैट्रिक्स सिस्टम: 7वें वेतन आयोग का पे मैट्रिक्स सिस्टम जारी रखने की सिफारिश की गई है, लेकिन एंट्री पे और संरचना में संशोधन के साथ।
- न्यूनतम वेतन और अन्य मांगें: न्यूनतम वेतन को ₹54,000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव।
- भत्तों (Allowances) में संशोधन, जैसे HRA, DA, विशेष भत्ते आदि को अपडेट करना।
- MACP (Modified Assured Career Progression) में सुधार, जहां इसे प्रमोशन न मानकर फिक्सेशन में लाभ दिया जाए।
- GDS (Gramin Dak Sevaks) को 8वें आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग।
- पेंशन, एजुकेशनल एडवांस, HBA (House Building Advance) आदि में संशोधन।
- न्यूनतम से अधिकतम वेतन का अनुपात 1:8 से 1:9 रखने का सुझाव, ताकि असमानता कम हो।
यदि सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 5% की वार्षिक वृद्धि होती है तो क्या होगा
केंद्रीय कर्मचारियों में चर्चा की यदि इसमें से सालाना सैलरी इंक्रीमेंट की मांग को स्वीकार कर दिया गया तो यह कर्मचारियों के लिए बंपर लॉटरी के जैसा होगा। हर साल 5% सैलेरी इंक्रीमेंट बढ़ाने का मतलब होगा:-
- साल 1: मासिक ₹54,000 - 1 साल में ₹6,48,000
- साल 2: मासिक ₹56,700 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹6,80,400
- साल 3: मासिक ₹59,535 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹7,14,420
- साल 4: मासिक ₹62,512 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹7,50,141
- साल 5: मासिक ₹65,637 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹7,87,648
- साल 6: मासिक ₹68,919 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹8,27,030
- साल 7: मासिक ₹72,365 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹8,68,382
- साल 8: मासिक ₹75,983 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹9,11,801
- साल 9: मासिक ₹79,783 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹9,57,391
- साल 10: मासिक ₹83,772 (5% इंक्रीमेंट के साथ) - 1 साल में ₹10,05,261
कर्मचारियों को इसके ऊपर सभी प्रकार के Allowances मिलेंगे और उनका कैलकुलेशन भी प्रतिशत में होगा। इस प्रकार यह पांच प्रतिशत की सामान्य सी वार्षिक वृद्धि, कर्मचारियों को मालामाल कर देगी।
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