भोपाल समाचार, 6 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2026 तीन चरणों में आयोजित की जाती है: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार। प्रत्येक चरण अगले चरण के लिए एक नींव के रूप में कार्य करता है, और इस यात्रा के हर पड़ाव को समझने से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। आइए, हम इन चरणों और इनके पाठ्यक्रम को सरल तरीके से समझते हैं ताकि आप अपनी तैयारी को एक मजबूत नींव दे सकें।
1. Preliminary Examination
यह परीक्षा का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। यह objective प्रकृति का होता है और इसका मुख्य उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए गंभीर और योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। इसमें दो प्रश्न पत्र होते हैं, और यह जानना महत्वपूर्ण है कि अंतिम चयन सूची में इसके अंक नहीं जोड़े जाते हैं। इसका मतलब हुआ कि यह मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्रता परीक्षा है।
1.1. परीक्षा की संरचना
प्रारंभिक परीक्षा की संरचना को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
Paper - Key Points
प्रश्न पत्र I (सामान्य अध्ययन) - पूर्णांक: 300 अंक | अवधि: 2 घंटे | प्रकृति: मेरिट-निर्धारक
प्रश्न पत्र II (सामान्य अभिरुचि परीक्षण) - पूर्णांक: 300 अंक | अवधि: 2 घंटे | प्रकृति: केवल पात्रता परीक्षा (Eligibility Test)
1.2. प्रश्न पत्र I - MPPSC 2026 General Studies
मुख्य परीक्षा में प्रवेश के लिए आपकी योग्यता इसी प्रश्न पत्र में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित होती है। इसलिए, मुख्य परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए आपका संपूर्ण ध्यान इसी प्रश्न पत्र पर होना चाहिए, क्योंकि आपकी योग्यता का निर्धारण केवल इसी के अंकों पर निर्भर करता है। इसमें कुल 10 इकाइयाँ शामिल हैं, जिनका विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
इकाई 1: भारत का इतिहास
- प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतवर्ष, वेद, उपनिषद, आरण्यक, ब्राह्मण ग्रंथ, षड्दर्शन, स्मृतियाँ, ऋत सभा-समिति, गणतंत्र, वर्णाश्रम, पुरुषार्थ, ऋण संस्कार, पंचमहायज्ञ/यज्ञ, कर्म का सिद्धांत, बोधिसत्व, तीर्थंकर।
- प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ।
- भारत की सांस्कृतिक विरासत- कला प्रारूप, साहित्य, पर्व एवं उत्सव।
- 19वीं एवं 20वीं शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन।
- स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
- स्वतंत्रता के पश्चात् भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन।
इकाई 2: मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य
- मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ, प्रमुख राजवंश।
- स्वतंत्रता आंदोलन में मध्यप्रदेश का योगदान।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख कला एवं स्थापत्य कला।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ एवं उनकी बोलियाँ।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएँ एवं लोक-साहित्य।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियाँ।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थल।
- मध्यप्रदेश में विश्व धरोहर स्थल।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व।
इकाई 3: भारत का भूगोल
- पर्वत, पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें।
- जलवायु घटनाएँ- अल-नीनो, ला-नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, जलवायु परिवर्तन के परिणाम।
- प्राकृतिक संसाधन- वन, खनिज, जल संसाधन।
- प्रमुख फसलें, खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, दूसरी हरित क्रांति की रणनीतियाँ।
- ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत।
- भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ, भारत में प्रमुख चक्रवात।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, ग्रामीण-नगरीय प्रवास।
इकाई 4: मध्यप्रदेश का भूगोल
- वन, वनोपज, नदियाँ, पहाड़ियाँ और पठार।
- जलवायु- ऋतुएँ, तापमान, वर्षा।
- प्राकृतिक संसाधन- मिट्टियाँ, प्रमुख खनिज संसाधन।
- प्रमुख फसलें, जल संसाधन, सिंचाई और सिंचाई परियोजनाएँ।
- ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योग।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, नगरीकरण।
इकाई 5: भारत एवं मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था
- संविधान सभा, संघीय कार्यपालिका, राष्ट्रपति एवं संसद, सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था।
- संवैधानिक संशोधन, नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत।
- राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/सांविधिक आयोग एवं संस्थाएँ।
- मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था (राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च न्यायालय)।
- मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था।
- मध्यप्रदेश में सुशासन (अभिशासन व्यवस्था)।
इकाई 6: भारत एवं मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था
- भारतीय अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश की वर्तमान स्थिति।
- मध्यप्रदेश की जनसंख्या व मानवीय संसाधनों का विकास- शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल।
- सतत् विकास लक्ष्यों में मध्यप्रदेश की प्रगति।
- मध्यप्रदेश में कृषि, उद्योग, एम.एस.एम.ई. एवं अधोसंरचना का विकास।
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, एक जिला एक उत्पाद।
- मध्यप्रदेश में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आई.पी.आर.) की प्रगति।
- भारतीय अर्थव्यवस्था की नवीन प्रवृत्तियाँ- कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र।
- वित्तीय संस्थाएँ- रिजर्व बैंक, वाणिज्यिक बैंक, सेबी, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाएँ।
- भारत की विदेशी व्यापार की नीतियाँ एवं जी-20, सार्क तथा आसियान।
इकाई 7: विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य
- विज्ञान की प्रमुख शाखाओं का प्रारंभिक ज्ञान, भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियाँ।
- उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ।
- मानव शरीर संरचना, पोषण, आहार, पोषक तत्व एवं कुपोषण।
- आनुवांशिक रोग, सिकल सेल एनीमिया- कारण, प्रभाव, निदान एवं कार्यक्रम।
- स्वास्थ्य नीति एवं कार्यक्रम, संक्रामक रोग, उनकी रोकथाम एवं स्वास्थ्य सूचक।
- सतत् विकास की अवधारणा एवं एस.डी.जी.।
- पर्यावरणीय कारक, पारिस्थितिकीय तंत्र एवं जैव-विविधता।
- प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबंधन।
इकाई 8: अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं मध्यप्रदेश की समसामयिक घटनाएँ
- अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ।
- राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ।
- मध्यप्रदेश की समसामयिक घटनाएँ।
इकाई 9: सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
- कम्प्यूटर का आधारभूत ज्ञान।
- इलेक्ट्रॉनिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी।
- रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं सायबर सिक्यूरिटी।
- ई-गवर्नेस।
- इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्मस्।
इकाई 10: मध्यप्रदेश की जनजातियाँ - विरासत, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य
- मध्यप्रदेश में जनजातियों का भौगोलिक विस्तार, जनजातियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ, विशेष पिछड़ी जनजातियाँ एवं घुमन्तू जातियाँ, जनजातियों के कल्याण के लिए योजनाएँ।
- मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति- परम्पराएँ, विशिष्ट कलाएँ, त्यौहार, उत्सव, भाषा, बोली एवं साहित्य।
- मध्यप्रदेश की जनजातियों का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान एवं राज्य के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व।
- मध्यप्रदेश में जनजातियों से संबंधित प्रमुख संस्थान, संग्रहालय, प्रकाशन।
- मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य।
1.3. प्रश्न पत्र II - MPPSC 2026 General Aptitude Test
यह प्रश्न पत्र क्वालिफाइंग प्रकृति का है, जिसका अर्थ है कि आपको मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होने के लिए इसमें केवल न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करने होंगे। इसके अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं।
महत्वपूर्ण विषयों की सूची:
- बोधगम्यता
- जीवन शैली, प्रतिबल (Life Style and Counter Force)
- संचार कौशल
- तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
- निर्णय लेना एवं समस्या समाधान
- सामान्य मानसिक योग्यता
- आधारभूत संख्ययन (संख्याएँ एवं उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि- दसवीं कक्षा का स्तर), आँकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि-दसवीं कक्षा का स्तर)
- हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर)
प्रारंभिक परीक्षा की बाधा को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, उम्मीदवार परीक्षा के सबसे निर्णायक चरण, मुख्य परीक्षा, की ओर बढ़ते हैं।
2. MPPSC 2026 Main Examination
मुख्य परीक्षा descriptive (वर्णनात्मक) होती है और यह वह चरण है जहाँ आयोग केवल आपके ज्ञान को ही नहीं, बल्कि प्रेशर की स्थिति में जटिल विचारों का विश्लेषण करने, उन्हें संरचित करने और स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की आपकी क्षमता का भी परीक्षण करता है। चयन सूची में इस परीक्षा के प्राप्तांक शामिल किए जाते हैं। इसलिए इंटरव्यू राउंड के साथ मुख्य परीक्षा का स्कोर भी बहुत इंपोर्टेंट होता है।
2.1. मुख्य परीक्षा की संरचना
मुख्य परीक्षा में कुल छह प्रश्न पत्र होते हैं, जिनकी संरचना इस प्रकार है:
प्रश्न पत्र - विषय - अंक - अवधि
प्रथम प्रश्न पत्र - इतिहास एवं भूगोल - 300 (150+150) - 03 घंटे
द्वितीय प्रश्न पत्र - संविधान, शासन व्यवस्था, राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना तथा समाजशास्त्र - 300 (150+150) - 03 घंटे
तृतीय प्रश्न पत्र - अर्थशास्त्र तथा विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य - 300 (150+150) 03 घंटे
चतुर्थ प्रश्न पत्र - दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी तथा उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी - 300 (150+150) - 03 घंटे
पंचम प्रश्न पत्र - सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण - 200 - 02 घंटे
षष्ठम् प्रश्न पत्र - हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन - 100 - 02:30 घंटे
कुल योग - 1500
2.2. प्रश्नपत्रों का विस्तृत पाठ्यक्रम
प्रथम प्रश्न पत्र: इतिहास एवं भूगोल
खंड (अ) - इतिहास
इकाई-1: भारतीय इतिहास
- हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी तक भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास।
- 11वीं से 18वीं शताब्दी तक भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास।
- सल्तनत एवं मुगल शासक और उनका प्रशासन एवं मध्यकालीन संस्कृति का अभ्युदय।
इकाई-2: मध्यप्रदेश का इतिहास
प्रागैतिहासिक एवं आद्य-ऐतिहासिक मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश के प्रमुख राजवंश (गर्दभिल्ल, नाग, औलिकर, परिव्राजक, उच्च कल्प वंश, गुर्जर-प्रतिहार, कलचुरी, चंदेल, परमार, तोमर, गोंड, कच्छपघात वंश)।
इकाई-3: ब्रिटिश शासन एवं स्वतंत्रता आंदोलन
- ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव।
- ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया: कृषक एवं जनजातियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन/संग्राम।
- भारतीय पुनर्जागरण- राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता।
- मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन।
इकाई-4: स्वतंत्रता पश्चात् भारत एवं मध्यप्रदेश
- गणतंत्र के रूप में भारत का उदय, राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश राज्य के रूप में गठन, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् की प्रमुख घटनाएँ।
- भारतीय सांस्कृतिक विरासत (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में): प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सव) एवं वास्तुकला के प्रमुख पक्ष।
- म.प्र. में विश्व धरोहर स्थल एवं पर्यटन।
इकाई-5: मध्यप्रदेश की रियासतें एवं जनजातीय संघर्ष
- मध्यप्रदेश की प्रमुख रियासतें- गोंडवाना, बुंदेली, बघेली, होल्कर, सिंधिया एवं भोपाल रियासत (स्वतंत्रता प्राप्ति तक)।
- मध्यप्रदेश के जनजातीय नायकों का संघर्ष एवं इतिहास में योगदान- राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, भीमाजी नायक, खाज्यानायक, टंट्या भील, गंजनसिंह कोरकू, बादल भोई, पेमा फाल्या।
खंड (ब) - भूगोल
इकाई-1: भारत का भौतिक स्वरूप एवं जलवायु
- प्राचीन भारत में भौगोलिक ज्ञान।
- भारत के प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग।
- प्रमुख पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें।
- भारत में मिट्टियाँ- प्रकार एवं वितरण।
- जलवायु: ऋतुएँ, तापमान, वर्षा, मानसून की उत्पत्ति, ऊपरी वायु परिसंचरण- जेट स्ट्रीम।
- जलवायु घटनाएं: अल-नीनो, ला-नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, हिंद महासागर द्विध्रुव, जलवायु परिवर्तन के परिणाम।
इकाई-2: भारत- कृषि एवं जल संसाधन
- कृषि- प्रमुख फसलें और श्रीअन्न (मोटे अनाज), उनका उत्पादन और वितरण।
- सिंचाई- सिंचाई तकनीकों के प्रकार, सिंचाई के स्रोत और बहुउद्देशीय परियोजनाएँ।
- खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, द्वितीय हरित क्रांति और सतत् कृषि के लिए रणनीतियाँ।
- जल संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण के तरीके, नदियों को आपस में जोड़ना, राष्ट्रीय जल नीति।
इकाई-3: भारत- प्राकृतिक संसाधन एवं उद्योग
- वन संसाधन, इनके प्रकार और वितरण।
- प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन।
- ऊर्जा संकट और ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत।
- प्रमुख उद्योग- लोहा और इस्पात, सीमेंट, कागज, शक्कर, सूती वस्त्र उद्योग।
- प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।
इकाई-4: आपदाएँ और तकनीकें
भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ- भूकंप, सुनामी, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कोहरा, बादल फटना, तड़ित झंझा, भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात।
पर्यावरण प्रदूषण- वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मिट्टी या भूमि प्रदूषण एवं उनका रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, प्रदूषण को कम करने के उपाय।
भारत में जनसंख्या वृद्धि, संसाधनों पर जनसंख्या का दबाव, ग्रामीण-शहरी प्रवास।
भूगोल में उन्नत तकनीकें- सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस.), भौगोलिक स्थिति निर्धारण प्रणाली (जी.पी.एस.) तथा इनके अनुप्रयोग। उपग्रहों के प्रकार।
इकाई-5: मध्यप्रदेश का भूगोल
- प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग।
- प्रमुख नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ।
- जलवायु: ऋतुएँ, तापमान, वर्षा।
- मध्यप्रदेश की मिट्टियाँ: प्रकार एवं वितरण, मृदा अपरदन एवं मृदा संरक्षण।
- प्राकृतिक वनस्पति- वनों के प्रकार और वितरण, प्रमुख वनोपज।
- प्रमुख फसलें, सिंचाई एवं सिंचाई परियोजनाएँ।
- प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन, ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत।
- प्रमुख उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण और घनत्व, नगरीकरण।
MPPSC 2026 द्वितीय प्रश्न पत्र: संविधान, शासन व्यवस्था, राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना तथा समाजशास्त्र
खंड (अ) - संविधान, शासन व्यवस्था, राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना
इकाई-1: भारतीय संविधान एवं संघवाद
भारतीय संविधान- निर्माण, विशेषताएँ, मूल ढाँचा एवं प्रमुख संशोधन।
वैचारिक तत्व- उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्व।
संघवाद- केन्द्र-राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका।
इकाई-2: संवैधानिक निकाय एवं राजनीति
- भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं नीति आयोग।
- भारतीय राजनीति में जाति, धर्म, वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका, भारतीय राजनीति में राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, सिविल सोसायटी एवं जन आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे।
इकाई-3: लोकतंत्र एवं राजनीतिक विचारक
लोकतंत्र की विशेषताएँ- राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी।
समुदाय आधारित संगठन (CBO), गैर सरकारी संगठन (NGO) एवं स्व-सहायता समूह (SHG)।
मीडिया की भूमिका एवं समस्याएँ (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिन्ट एवं सोशल मीडिया)।
भारतीय राजनीतिक विचारक- कौटिल्य, देवी अहिल्याबाई होल्कर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण।
इकाई-4: मध्यप्रदेश का गठन एवं प्रशासन
राज्यों का पुनर्गठन 1956 तथा मध्यप्रदेश का निर्माण, मध्यप्रदेश का विभाजन (2000)।
राज्यपाल- नियुक्ति, शक्ति, स्थिति, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद- संगठन, कार्य एवं भूमिका।
मध्यप्रदेश की विधानसभा- संरचना एवं शक्तियाँ, अध्यक्ष की भूमिका, विपक्ष की भूमिका।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, संगठन, क्षेत्राधिकार एवं भूमिका।
जवाबदेही एवं अधिकार- प्रतिस्पर्धा आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, मानव अधिकार आयोग, सूचना आयोग, उपभोक्ता फोरम, बाल आयोग, महिला आयोग।
इकाई-5: मध्यप्रदेश का प्रशासन एवं राजनीति
मध्यप्रदेश का प्रशासन- सचिवालय, मुख्य सचिव, सचिव तथा आयुक्त, मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन, जिलाधीश की भूमिका।
मध्यप्रदेश में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन- पंचायतीराज संगठन एवं शक्तियाँ, शहरी स्थानीय स्वशासन- संगठन एवं शक्तियाँ, स्थानीय स्वशासन में वित्त नौकरशाही एवं स्वायत्तता का महत्व।
मध्यप्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य- जनजातीय, पिछड़े एवं वंचित वर्ग का उत्थान एवं नक्सली समस्या से जुड़े मुद्दे।
- मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं का योगदान।
- मध्यप्रदेश की राजनीति में समसामयिक मुद्दे।
खंड (ब) - समाजशास्त्र
- इकाई-1: समाजशास्त्र की आधारभूत अवधारणा
- समाज की भारतीय संकल्पना- कुटुम्ब, परिवार, नातेदारी, वंश, गोत्र परंपरा।
- समुदाय, संस्था, संघ, संस्कृति, मानदंड और मूल्य।
- सामाजिक समरसता के तत्व, सभ्यता एवं संस्कृति की अवधारणा। भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ।
- सामाजिक संस्थाएँ- परिवार, शिक्षा, धर्म, वर्ण, ऋण, यज्ञ, संस्कार।
- अनुष्ठान- विभिन्न संदर्भ, जाति व्यवस्था। आश्रम, पुरुषार्थ, समाज और विवाह पर धर्म और संप्रदायों का प्रभाव।
इकाई-2: भारतीय समाज में विविधता एवं चुनौतियां
- भारतीय समाज की संकल्पना- भारत के लोग, विविधता में एकता।
- सांस्कृतिक विविधता- क्षेत्रीय, भाषायी, धार्मिक और जनजातीय।
- अपराध का बदलता परिदृश्य- नशीली दवाओं की लत, आत्महत्या, साइबर अपराध, महिलाओं के प्रति अपराध एवं घरेलू हिंसा।
- राष्ट्र निर्माण की समस्याएँ- धर्मनिरपेक्षता, बहुलवाद और राष्ट्र निर्माण।
- इकाई-3: ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र
- ग्रामीण समाज के अध्ययन के उपागम- ग्रामीण-शहरी अंतर, ग्रामीणवाद और नगरवाद।
- किसान अध्ययन, 73वें संशोधन से पहले और बाद में पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण नेतृत्व, गुटबाजी, लोक सशक्तीकरण।
- ग्रामीण विकास के सामाजिक मुद्दे और रणनीतियाँ- बंधुआ और प्रवासी मजदूर, ग्रामीण समाज में बदलाव के रुझान।
- नगरीय समुदाय की विशेषताएँ, नगरीय समुदाय में परिवर्तन, नगरीकरण के कारण एवं प्रभाव।
- नगर नियोजन की अवधारणा, नगर नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक, भारत में नगरीय प्रबंध की समस्याएँ।
इकाई-4: औद्योगीकरण, वैश्वीकरण, सामाजिक विकास और जनसंख्या
- भारत में औद्योगीकरण और सामाजिक परिवर्तन- परिवार, शिक्षा, स्तरीकरण पर प्रभाव।
- वैश्वीकरण की चुनौतियाँ, समाजशास्त्र का भारतीयकरण, शिक्षा का निजीकरण।
- सामाजिक संरचना और विकास, सुविधाप्रदाता, अवरोधक, विकास और सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ।
- संस्कृति और विकास। भारत में जनसंख्या वृद्धि और वितरण।
इकाई-5: मानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण की योजनाएँ
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
- सामाजिक वर्गों और उनसे कल्याण कार्यक्रमों से संबंधित मुद्दे- वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएँ, विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग और विकासात्मक परियोजनाओं से उत्पन्न विस्थापित समूह, बालिकाओं की शिक्षा से जुड़े मुद्दे।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम, विस्तार शिक्षा, पंचायती राज, सामुदायिक विकास में गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) की भूमिका।
- मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति और सामाजिक संरचना, रीति-रिवाज।
- मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति।
MPPSC 2026 तृतीय प्रश्न पत्र: अर्थशास्त्र तथा विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य
खंड (अ) - अर्थशास्त्र
इकाई-1: भारतीय अर्थव्यवस्था के मौलिक पहलू
भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ। विकसित भारत@2047।
कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र का क्षेत्रीय योगदान। राष्ट्रीय आय की विभिन्न अवधारणाएँ।
प्रमुख फसलें और फसल पैटर्न। चुनौतियाँ। सरकारी पहल। कृषि मूल्य नीति।
भारत में औद्योगिक नीतियाँ और औद्योगिक विकास। आतिथ्य और पर्यटन।
इकाई-2: कराधान और नीति परिदृश्य
- राजकोषीय नीति। मौद्रिक नीति और भारत में वित्तीय समावेशन।
- गरीबी, बेरोजगारी और क्षेत्रीय असंतुलन। भारत का विदेशी व्यापार।
- अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की भूमिकाएँ।
इकाई-3: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अवलोकन
- मध्यप्रदेश में राज्य घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश (ANMP)।
- प्रमुख फसलें और फसल पैटर्न तथा जोत। खाद्य सुरक्षा।
- उद्यानिकी, पशुधन, डेयरी व मत्स्य पालन।
इकाई-4: मध्य प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास
- स्वास्थ्य अधोसंरचना, शिक्षा और कौशल विकास।
- प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए नीतियाँ। वित्तीय, सामाजिक समावेशन एवं कल्याणकारी योजनाएँ।
- मानव संसाधन की उत्पादकता और रोजगार। मध्यप्रदेश में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की प्रगति।
- राज्य का राजस्व, व्यय, ऋण एवं राजकोषीय अनुशासन।
इकाई-5: सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण और प्रायिकता
- समंक संकलन की विधियाँ। माध्य, माध्यिका और बहुलक।
- डेटा विश्लेषण के प्रकार- वर्णनात्मक बनाम अनुमानात्मक।
- प्रतिचयन की विधियाँ। डेटा प्रस्तुति तकनीक। प्रायिकता की बुनियादी अवधारणाएँ।
खंड (ब) - विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य
इकाई-1: सामान्य विज्ञान
विज्ञान के साधारण अनुप्रयोग। सूक्ष्मजीव संरचना एवं प्रकार, जैविक कृषि।
कोशिका-संरचना, प्रकार। पौधों, पशुओं एवं मनुष्यों में पोषण।
जैव प्रौद्योगिकी। प्राचीन समय में खगोल शास्त्र में योगदान। बौद्धिक संपदा के अधिकार एवं पेटेंट।
इकाई-2: कंप्यूटर विज्ञान और गणितीय विज्ञान
- कंप्यूटर के प्रकार, विशेषताएँ एवं पीढ़ी। मेमोरी, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेस।
- कंप्यूटर की भाषाओं का सामान्य ज्ञान। इंटरनेट एवं ई-मेल। सोशल मीडिया। ई-गवर्नेस।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता का आधारभूत ज्ञान।
- गणितीय विज्ञान: संख्याएँ, समीकरण, लाभ-हानि, प्रतिशत, ब्याज और ज्यामितीय आकृतियों का क्षेत्रफल एवं पृष्ठीय क्षेत्रफल।
इकाई-3: आयुष एवं स्वास्थ्य प्रबंधन
- आयुष (AYUSH) की विभिन्न चिकित्सा पद्धतियाँ। वन नेशन वन हेल्थ सिस्टम / पॉलिसी-2030।
- आयुर्वेद के मूल सिद्धांत। केन्द्र, राज्य, जिला एवं ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य प्रशासन।
- योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा। षोडश संस्कार।
इकाई-4: राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल
- विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम। स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत योजना।
- विभिन्न बायोमार्कर। प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के सिद्धांत और तत्व।
इकाई-5: पर्यावरण एवं संबंधित मुद्दे
- भारतीय परंपरा और संस्कृति में पर्यावरण की अवधारणा।
- मानव गतिविधियों का पर्यावरण पर प्रभाव। पर्यावरण से संबंधित नैतिकता और मूल्य।
- पर्यावरण से संबंधित समस्याएँ एवं चुनौतियाँ। पर्यावरण शिक्षा।
- पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान। जल सुरक्षा।
MPPSC 2026 चतुर्थ प्रश्न पत्र:
दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी तथा उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी
खंड (अ) - दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन
इकाई-1: भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक
भारतीय षड्दर्शन। सुकरात, प्लेटो, अरस्तू। महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक।
गुरुनानक, कबीर, तुलसीदास, संत रविदास। रवीन्द्रनाथ टैगोर, राजा राममोहन राय आदि।
इकाई-2: राष्ट्र निर्माण एवं नैतिक अवधारणाएँ
राष्ट्र की अवधारणा। राष्ट्रीय सुरक्षा। मूल नैतिक अवधारणाएँ।
भगवद्गीता का नीतिशास्त्र एवं प्रशासन में उसकी भूमिका।
इकाई-3: मानवीय व्यवहार एवं मनोचिकित्सा
मनोवृत्ति। अभिक्षमता एवं लोक सेवा हेतु आधारभूत मूल्य।
सांवेगिक बुद्धि। व्यक्तिगत भिन्नताएँ। मनोविकार एवं मनोचिकित्सा।
इकाई-4: लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य
मानवीय आवश्यकताएँ एवं अभिप्रेरणा। लोक प्रशासन में नैतिक सद्गुण एवं मूल्य।
भ्रष्टाचार- प्रकार, कारण, प्रभाव एवं नियंत्रण के उपाय।
इकाई-5: केस स्टडी
प्रश्नपत्र के खण्ड (अ) में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित पाठ्यक्रम।
खंड (ब) - उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी
इकाई-1: उद्यमिता अवधारणा एवं विकास
उद्यमिता की अवधारणा एवं महत्व। उद्यमशीलता की प्रक्रिया।
नए उद्यम प्रबंधन में मुख्य मुद्दे। भारत में उद्यमिता का विकास।
इकाई-2: व्यावसायिक संगठन एवं प्रबंधन
प्रबंध- अवधारणा, महत्व, क्षेत्र। प्रबंध प्रक्रिया।
समय प्रबंधन एवं संगठन। ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं नेटवर्किंग।
इकाई-3: प्रशासन व प्रबंधन
लोक प्रशासन में प्रबंध के महत्वपूर्ण आयाम। वित्तीय प्रबंध।
तनाव एवं द्वंद प्रबंधन तकनीकें। बहुलता (अनेकता) का प्रबंधन एवं प्रशासन। आपदा प्रबंधन।
इकाई-4: समग्र व्यक्तित्व विकास
समग्र व्यक्तित्व एवं राष्ट्रीय विकास। व्यक्तित्व विकास के विभिन्न घटक।
सफलता की अवधारणा। असफलता से सीखना। सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन।
इकाई-5: केस स्टडी
प्रश्नपत्र के खण्ड (ब) में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित पाठ्यक्रम।
MPPSC 2026 पंचम प्रश्न पत्र: सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण
यह प्रश्न पत्र (कुल 200 अंक) उम्मीदवारों की हिन्दी भाषा की समझ, व्याकरणिक ज्ञान और अभिव्यक्ति कौशल का मूल्यांकन करता है। इसके प्रमुख घटक एवं अंक वितरण इस प्रकार हैं:
- लघुउत्तरीय प्रश्न (संपूर्ण पाठ्यक्रम): 75 अंक
- रस, छंद, अलंकार: 10 अंक
- अनुवाद (हिन्दी से अंग्रेजी एवं अंग्रेजी से हिन्दी): 30 अंक
- संधि एवं समास, मुहावरे एवं कहावतें: 20 अंक
- प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावलियाँ (विराम चिह्न, शब्द रूप, विलोम शब्द, पर्यायवाची, तत्सम एवं तद्भव शब्द, वाक्य संरचना आदि): 20 अंक
- पल्लवन, संक्षेपण: 10 अंक
- मध्यप्रदेश की प्रमुख बोलियाँ: 12 अंक
- अपठित गद्यांश: 18 अंक
- शब्दार्थ: 05 अंक
MPPSC 2026 षष्ठम् प्रश्न पत्र: हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन
इस प्रश्न पत्र (कुल 100 अंक) का उद्देश्य उम्मीदवारों के वैचारिक स्तर और किसी विषय पर सुसंगत एवं तार्किक रूप से लिखने की क्षमता का आकलन करना है। इसकी संरचना इस प्रकार है:
- प्रथम निबंध (लगभग 1000 शब्द): 50 अंक
- द्वितीय निबंध (लगभग 500 शब्द): समसामयिक समस्याओं एवं निदान पर आधारित। 20 अंक
- प्रारूप लेखन (लगभग 500 शब्द): शासकीय व अर्धशासकीय पत्र, परिपत्र, प्रपत्र, विज्ञापन, आदेश, पृष्ठांकन, अनुस्मारक (स्मरण पत्र) आदि। 15 अंक
- प्रतिवेदन (लगभग 250 शब्द): 15 अंक
मुख्य परीक्षा में सफल प्रदर्शन के बाद, उम्मीदवारों को अंतिम चरण, यानी साक्षात्कार का सामना करना पड़ता है, जो उनके व्यक्तित्व और संचार कौशल का परीक्षण करता है।
3. अंतिम चरण: साक्षात्कार (Interview)
यह परीक्षा का अंतिम चरण है, जो कुल 185 अंकों का होता है। यह अकादमिक ज्ञान का परीक्षण नहीं, बल्कि उम्मीदवार के व्यक्तित्व का परीक्षण है। इसका उद्देश्य लोक सेवा के लिए उम्मीदवार की समग्र उपयुक्तता, मानसिक सतर्कता, तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व के गुणों का आकलन करना है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों को जोड़कर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है।
आपकी सफलता की शुभकामना
पाठ्यक्रम की यह विस्तृत समझ आपको अपनी तैयारी के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करती है। प्रत्येक विषय और उसके उप-विषयों का गहन अध्ययन करें और अपनी रणनीति बनाएं। याद रखें, निरंतरता, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन ही इस परीक्षा में सफलता की कुंजी है।
आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी की यात्रा शुरू करें। आपकी सफलता के लिए हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ!

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