भोपाल, 2 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2026 की घोषणा कर दी गई है। इसमें रिक्त पदों की संख्या 155 है। इस संख्या को लेकर उम्मीदवारों में निराशा है और एमपीपीएससी की कोचिंग चलने वाले शिक्षकों ने सरकार पर प्रेशर क्रिएट करने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
MPPSC 2026 परीक्षा में अप्रैल अंत तक भी नए पद जुड़ सकते हैं
शिक्षाविद् व पीएससी के जानकार डॉ. जयंतीलाल भंडारी का बयान सामने आया है। श्री भंडारी कहते हैं कि, राज्य सेवा परीक्षा-2024 के विज्ञापन में भी 60 ही पद थे। बाद में इनमें 50 पद बढ़ाकर 110 कर दिया गया। नियमानुसार, प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने से पहले भी पदों की संख्या बढ़ा सकता है। यदि शासकीय विभाग अपनी तरफ से पद बढ़ाने की मांग भेजेगें तो अप्रैल अंत तक भी नए पद जुड़ सकते हैं।
X पर प्रमुख प्रतिक्रिया
X (पूर्व में Twitter) पर MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026 को लेकर हालिया चर्चाएँ मुख्य रूप से नकारात्मक हैं। नोटिफिकेशन हाल ही में जारी हुआ है, जिसमें कुल 155 पद घोषित किए गए हैं और प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग शुरू की जा रही है।
पदों की कम संख्या पर गुस्सा: लोग इसे युवाओं के साथ "खिलवाड़" बता रहे हैं। लगातार तीसरा साल कम पद (2024: 110, 2025: 158, 2026: 155) आने से निराशा है। कई यूजर्स सरकार और मुख्यमंत्री पर व्यंग्य कर रहे हैं कि "भर्ती अभियान" के बड़े दावों के बावजूद पद क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे। कुछ ने आंदोलन और भूख हड़ताल की बात की है।
नेगेटिव मार्किंग पर मिश्रित राय: कुछ इसे "सुधार" बता रहे हैं (UPSC जैसा बनाने के लिए), लेकिन कुछ उम्मीदवार इसे अतिरिक्त चुनौती मान रहे हैं, खासकर कम पदों के साथ।
विशेष श्रेणियों में शिकायतें: दिव्यांग (जैसे ऑर्थोपेडिक कैटेगरी में सिर्फ 1 पद), EWS में उम्र छूट न होना आदि पर असंतोष। कुछ ने इसे "मजाक" कहा।
सकारात्मक पक्ष: कुछ न्यूज अकाउंट्स और कोचिंग संस्थान (जैसे Drishti PCS) ने नोटिफिकेशन को "सौगात" बताया और तैयारी टिप्स शेयर किए। प्रीलिम्स डेट (26 अप्रैल 2026) की जानकारी दी जा रही है।
कुल माहौल: ज्यादातर पोस्ट्स में निराशा, व्यंग्य और मांगें (पद बढ़ाओ, पारदर्शिता लाओ) dominant हैं। युवा संगठनों (जैसे NEYU) और विपक्षी नेताओं से जुड़े अकाउंट्स में आक्रोश ज्यादा। उत्साह वाली पोस्ट्स बहुत कम।
यह प्रतिक्रियाएँ जनवरी 2026 की शुरुआत तक की हैं। नोटिफिकेशन नए साल से ठीक पहले आया, इसलिए चर्चा अभी गर्म है।
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा के पद घटते जा रहे हैं, प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है
आंकड़े बताते हैं कि एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा में पदों की संख्या लगातार घटती जा रही है और प्रतिस्पर्धा की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2019 में एक पद के लिए 630 उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा थी जबकि 2024 में एक पद के लिए 1664 उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा थी। यह बहुत बड़ा अंतर है जो परीक्षा को और अधिक कठिन बना रहा है:-
कोचिंग वाले क्यों एक्टिव हो जाते हैं?
दरअसल, यह स्थिति कोचिंग संचालकों के लिए भी बड़ी चुनौती पूर्ण होती है। प्रतिस्पर्धा की स्थिति कठिन हो जाने पर उनका सक्सेस रेट कम हो जाता है। पदों की संख्या कम होने पर वह अपने विज्ञापन में चयनित उम्मीदवारों की संख्या का उल्लेख भी नहीं कर पाते। अकेले इंदौर और भोपाल में ही एमपीपीएससी की तैयारी करवाने वाली कोचिंग संस्थानों की संख्या 300 से ज्यादा है। रिक्त पदों की संख्या केवल 155 है। यानी एक कोचिंग के हिस्से में एक उम्मीदवार की सफलता भी नहीं मिलेगी।
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