INDORE NEWS: चिंटू चौकसे नी संभल रिया भिया, उमंग सिंघार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से भिड़ गए

Updesh Awasthee
इंदौर, 6 जनवरी 2026
: शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंतामण चौकसे (चिंटू चौकसे) आज नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ भिड़ गए। सामान्य तौर पर 15 सेकंड का स्टेटमेंट काफी होता है लेकिन चिंटू चौकसे पूरे 1.47 मिनट तक झगड़ते रहे। इस दौरान सब ने उनको समझाने की कोशिश की लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थे। 

मैं चिंटू चौकसे, मेरे बारे में सोच समझ कर बोलना

चिंटू चौकसे कांग्रेस पार्टी के फायर ब्रांड नेता है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने सवाल किया कि चिंटू चौकसे का महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर क्यों है तो नेताजी भड़क उठे। उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार कुछ चैलेंज किया कि यदि आप, मेरे और पुष्यमित्र भार्गव के बीच में कोई भी संबंध निकाल देते हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा नहीं तो आप पत्रकारता छोड़ देना। यहां तक ठीक था लेकिन इसके बाद उनके तेवर बदल गए। वह पत्रकार पर हावी होते चले गए। श्री चिंटू चौकसे का कहना था कि इस प्रकार का सवाल मुझे पूछने की हिम्मत कैसे हुई। वीडियो में आप खुद देख सकते हैं कि इसके बाद बात कैसे बढ़ती चली गई। 

चिंटू चौकसे पॉजिटिव

चिंटू चौकसे इंदौर की स्थानीय राजनीति में कांग्रेस के एक सक्रिय और प्रभावशाली नेता हैं, जो नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष तथा शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जनहित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाते हैं। वे भ्रष्टाचार के आरोपों, पानी की समस्या, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और प्रदूषित पानी से होने वाली मौतों जैसे मामलों में भाजपा शासित प्रशासन को लगातार घेरते हैं, साथ ही सराफा चौपटी जैसे पारंपरिक स्थलों की रक्षा और पुराने स्टॉल धारकों के हितों की पैरवी करते हैं। उनकी आक्रामक विपक्षी भूमिका और बूथ स्तर तक पार्टी संगठन को मजबूत करने के प्रयासों से वे जनता के बीच एक मजबूत आवाज के रूप में उभरे हैं, जिसके कारण पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण पद सौंपे और समर्थक उनके पक्ष में सक्रिय रहते हैं।

चिंटू चौकसे के नेगेटिव

चिंटू चौकसे इंदौर कांग्रेस के विवादास्पद नेता हैं, जिनकी आक्रामक राजनीतिक शैली और व्यक्तिगत झड़पों ने उनकी इमेज को नेगेटिव बना दिया है। राजनीति में संयम और संतुलन की बहुत जरूरत होती है, चिंटू चौकसे में इसकी काफी कमी है। अपनी बात को रखने का सलीका भी नहीं है। 
  • अप्रैल 2025 में पानी के टैंकर को लेकर भाजपा कार्यकर्ता कपिल पाठक से विवाद के बाद उन पर हत्या के प्रयास (धारा 307/109) का आरोप लगा और गिरफ्तारी हुई। यह घटना प्रमाणित करती है कि चिंटू चौकसे में पेशेंस नाम की चीज नहीं है। भले ही वह कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हो लेकिन राजनीति की समझ नहीं है।
  • नवंबर 2025 में एक वायरल ऑडियो क्लिप में वे वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ कथित अपशब्द बोलते सुनाई दिए, जिससे पार्टी में आंतरिक कलह उजागर हुई। हालांकि इस मामले में उनकी प्रशंसा भी की गई, लेकिन दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों के लिए नेगेटिव हो गए।
  • उनकी नियुक्ति के बाद पार्टी में असंतोष और विरोध भी सामने आया, साथ ही तीखे बयानों व आक्रामक विरोध प्रदर्शनों से वे अक्सर विवादों में घिरे रहते हैं, जिसे विरोधी गुंडागर्दी और आंतरिक गुटबाजी का प्रतीक मानते हैं।

चिंटू चौकसे का डिजिटल स्कोर खराब है

Google Search में जब हमने उनके बारे में प्रारंभिक अध्ययन किया तो 26 वे पेज में उनकी तारीफ और 42 वेब पेज में उनके लिए नेगेटिव न्यूज़ थी। इसका मतलब हुआ कि श्री चिंटू चौकसे का डिजिटल स्कोर खराब है।
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