भोपाल, 7 जनवरी 2026: इंदौर के भागीरथपुरा कांड में सीधे तौर पर दोषी घोषित किए गए कैलाश विजयवर्गीय से लगातार इस्तीफा मांगा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब तक उनका कोई सपोर्ट नहीं किया गया है लेकिन आज पहली बार उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कैलाश विजयवर्गीय के समर्थन में कुछ शब्द कहे। श्री परमार का संकोच बता गया कि, वह इस बयान के माध्यम से कैलाश विजयवर्गीय के प्रति पॉजिटिव होने का अभिनय कर रहे हैं।
इंदर सिंह परमार ने दबाव में बयान दिया?
कृपया उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार का बयान सुनिए। क्या आपको ऐसा लगता है कि उच्च शिक्षा मंत्री महोदय ने किसी प्रेशर में आकर यह बयान दिया है। अपने बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जो प्रोटोकॉल के तहत जरूरी है। और उसके बाद जब मुद्दे का सवाल पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि "कैलाश जी लगातार क्षेत्र में डटे हुए हैं"। यहां डेट होने का मतलब जिम्मेदारी से मुक्त हो जाना तो नहीं होता। सवाल है मौत के लिए जिम्मेदार कौन? क्या स्थानीय विधायक जो मंत्री भी है, को नैतिकता के आधार पर अपनी असफलता के लिए इस्तीफा नहीं देना चाहिए। इंदर सिंह दमदारी के साथ कोई पक्ष नहीं रख पाए।#WATCH इंदौर: पानी दूषित होने से हुई मौतों पर मध्य प्रदेश के मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, "इस मामले में मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की है और लगातार स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं...कैलाश जी इस मामले पर वहां लगातार काम कर रहे हैं और सबके साथ संवाद कर रहे… pic.twitter.com/fU95KHT2WR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
कैलाश जी की जूनियर मिनिस्टर ने क्या किया
ऐसी स्थिति में जबकि एक कैबिनेट मंत्री दूसरे कैबिनेट मंत्री का बचाव कर रहा है तब कैलाश विजयवर्गीय के डिपार्मेंट नगरीय प्रशासन की राज्य मंत्री क्या कर रही है। आप खुद देखी जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने क्या कहा.... नहीं नहीं, कहा कुछ नहीं,
आप देखिए - सवाल सुनने के बाद कैलाश जी की जूनियर मिनिस्टर ने क्या किया।
महिला मंत्री सवाल सुनते ही माइक को धक्का देकर निकल गई
— Bhopal Samachar (@BhopalSamachar) January 4, 2026
मध्य प्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी से पत्रकारों ने जैसे ही इंदौर का सवाल किया, वह माइक को धक्का देकर निकल गई. हालत यह बन गए हैं कि, नेताओं को अब सवाल पसंद नहीं है. उल्लेखनीय है कि इंदौर में… pic.twitter.com/EnW3r0SJJ6

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