Employees news: प्रमोशन और ACR से पहले प्रोडक्टिविटी टेस्ट अनिवार्य - iGOT

Updesh Awasthee
सेंट्रल डेस्क, कर्मचारी समाचार, 7 जनवरी 2026
: सरकारी कर्मचारियों के लिए अब प्रमोशन आसान नहीं रह जाएगा। केवल वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन नहीं मिलेगा बल्कि सीनियरिटी के साथ प्रोडक्टिविटी का बढ़ना भी जरूरी होगा। उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी शुरू हो चुका है। जल्दी ही इस प्रकार के कार्यक्रम पूरे भारत की राज्य सरकारों द्वारा संचालित करते हुए दिखाई देंगे। 

सिर्फ नियमित नहीं बल्कि नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत के कर्मचारी भी

Mission Karmayogi के तहत 7 दिन का "क्षमता निर्माण कार्यक्रम" लॉन्च किया गया है। यह कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का कार्यक्रम है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सभी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए यह कार्यक्रम अनिवार्य है और इस कार्यक्रम को उनके प्रमोशन एवं ACR (वापसी और भर्ती प्रक्रिया) से जोड़ा जाएगा। लखनऊ में मंगलवार को हुई बैठक में क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के कार्यान्वयन की स्थिति पर एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा, राज्य भर में लगभग 22 लाख कर्मचारी और शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत 5 लाख कर्मचारी इस योजना के लाभार्थी हैं। 

अबाउट इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग

मिशन के तहत, देश भर में 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है तथा सिविल सेवकों के सतत एवं व्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए iGOT (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है। iGOT प्लेटफॉर्म विश्व का सबसे बड़ा सरकारी क्षमता निर्माण प्लेटफॉर्म है, जिस पर 14.5 करोड़ से अधिक यूजर्स पंजीकृत हैं। सरकार इसके माध्यम से 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रही है, जिनमें 840 से अधिक पाठ्यक्रम हिंदी में और 540 से अधिक पाठ्यक्रम 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में शामिल हैं। 67 लाख से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिनकी सफलता दर 70% से अधिक है। iGOT ऐप को 5 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

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