भोपाल समाचार, 26 जनवरी 2026: Hotel New Shikha, B-43, Shubh Business Zone, Opposite People's University, JP Nagar, Karond, Bhopal के रेस्टोरेंट में आयोजित हुई बर्थडे पार्टी में शामिल हुए 80 लोग बीमार हो गए। डॉक्टर का कहना है कि सभी लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। फूड ऑफिसर श्री पंकज श्रीवास्तव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, होटल और रेस्टोरेंट के मैनेजमेंट को बचाने के पूरे इंतजाम कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता चेतन कुमार श्रीवास ने बताया कि वह 19 जनवरी को अपने भतीजे का जन्मदिन मनाने सपरिवार न्यू शिखा होटल पहुंचे थे। पार्टी में करीब 150 लोग शामिल हुए थे। खाना खाने के कुछ घंटों बाद मेहमानों को पेट दर्द, उल्टी और लूज मोशन की शिकायत होने लगी। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिला। फूड पॉयजनिंग की शिकायत के बाद बीमार लोगों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि मुनाफे के लिए होटल प्रबंधन ने दूषित खाना परोसकर लोगों की जान जोखिम में डाली।
यह जानकारी मिलते ही भोपाल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री पंकज श्रीवास्तव तुरंत एक्टिव हो गए। 19 जनवरी यानि सोमवार को आयोजित हुई पार्टी में परोसे गए दूषित भोजन के कारण लोग बीमार हुए थे और फूड ऑफिसर ने गुरुवार 22 जनवरी को रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर रूम में रखी हुई कच्ची खाद्य सामग्री की जांच की और सैंपल कलेक्ट किए। इन सभी खाद्य पदार्थों के नमूने जब्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसका सीधा मतलब हुआ की पार्टी में जो खाना परोसा किया था, उसकी जांच के लिए कलेक्ट भी नहीं किया गया और इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दिनांक 22 जनवरी को जो सैंपल कलेक्ट किए गए हैं, वह बर्थडे पार्टी में दूषित भोजन के वितरण से अलग मामला है।
क्या करना चाहिए
यदि फूड ऑफिसर तुरंत एक्टिव नहीं हो पाए हैं तो कलेक्टर को एक्टिव होना चाहिए। ऐसे फूड ऑफिसर के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए जो मामले को दबाने के लिए दिखावे की कार्रवाई करता है। बीमार लोगों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रेस्टोरेंट के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
कलेक्टर कार्रवाई न करे तो शिकायतकर्ता क्या कर सकता है
यदि कैरेक्टर भी कार्रवाई न करे तो शिकायतकर्ता भोपाल जिला न्यायालय में शिकायत कर सकता है। 80 लोगों की जान जोखिम में थी। न्यायालय मामले की सुनवाई करेगा, फूड ऑफिसर एवं कलेक्टर से जवाब तलब करेगा और पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश देगा।
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