एकता की मिशाल बनो भारतवासियों।
हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख और ईसाई,
आपस में है सब भाई -भाई।
धर्म अलग हो रूप अलग हो,
दिल से बनो सब एक समान।
नफरत नहीं सिखाता भारत,
प्रेम का सन्देश सिखाता भारत।
संदेश रहा है राम कृष्ण का,
मर्यादा और धर्म के पालन का।
संदेश रहा है बुद्ध महावीर का,
सत्य अहिंसा के पालन का।
संदेश रहा है गुरु गोविन्द का,
देश धर्म की रक्षा का।
संदेश रहा है सूफी संतों का,
एकता के पालन का।
संदेश रहा है ऋषि मुनियों का,
वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का।
जाति–धर्म की दीवारें तोड़ो,
हर मन में मानवता जोड़ो।
भाईचारे की दीप जलाओ,
हर घर रोशन कर जाओ।
नफरत की आँधी जब थम जाएगी,
प्रेम का तब अभियान चलेगा।
तब भारत और महान बनेगा
किसान, श्रमिक, सैनिक और नारी,
सभी सम्मान के है अधिकारी ।
एकता और सद्भाव है भारत की शक्ति,
भारत होगा भविष्य की महाशक्ति।
देवेंद्र संग सब संकल्प करें,
न बैर रखें, न द्वेष करें।
स्वदेशी का सब वरण करें,
भारतीय संस्कृति का संरक्षण करें।
आपस में प्रेम करो भारत वासियों।
देवेंद्र मणि पाण्डेय
(पुस्तकालयाध्यक्ष)
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर उत्तर प्रदेश
