BHOPAL में स्वच्छता के नाम पर करोड़ों का खेल: बॉयो टॉयलेट्स कबाड़ में तब्दील

भोपाल, 05 जनवरी 2026
: स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को चमकाने के लिए नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च करके बॉयो तकनीक आयात की थी, लेकिन आज वो सब कुछ भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। 

भोपाल में स्वच्छता के प्रतीक से बदबू आ रही है

इंदौर की ब्रिक एन बांड इंफ्राकान कंपनी के साथ मिलकर पांच प्रमुख जगहों - बोट क्लब, म्यूजिकल फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट, संत नगर और कोलार पर बॉयो-टायलेट्स और बॉयो-गैस प्लांट लगाए गए थे। ये प्रोजेक्ट शहर की स्वच्छता रैंकिंग को टॉप पर पहुंचाने का सपना दिखा रहे थे, लेकिन हकीकत में ये अब सूखी पत्तियों के ढेर में दबे पड़े हैं और टायलेट्स कबाड़ बनकर रह गए हैं। आम जनता की सुविधा के लिए बने ये सिस्टम अब बदबू और गंदगी फैलाने का जरिया बन चुके हैं, जो शहर की स्वच्छता की पोल खोल रहे हैं।

Brick N Bond Infracon ने सिर्फ 6 महीने काम किया

इस प्रोजेक्ट का जिम्मा कंपनी को सौंपा गया था, जहां अनुबंध के अनुसार उन्हें संचालन और मेंटेनेंस का काम करना था। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के जिम्मेदार लोग छह महीने के अंदर ही सब छोड़कर भाग गए। नतीजा ये हुआ कि स्मार्ट सेंसर और बॉयो-डाइजेस्टर टैंक वाली ये तकनीक, जो सीवेज लाइन की जरूरत के बिना काम करती थी, अब पूरी तरह फेल हो चुकी है। बोट क्लब जैसे टूरिस्ट स्पॉट पर ये टायलेट्स अंधेरे और गंदगी के बीच खड़े हैं - सेंसर गायब, दरवाजे टूटे हुए, पानी का कनेक्शन कट चुका। अंदर पान-मसाले के पाउच और कचरे का ढेर लगा है, टोटी-नल सब गायब। करोड़ों रुपये का ये प्रोजेक्ट अब डस्टबिन बनकर रह गया है, जो स्वच्छता सर्वे में नंबर पाने की जल्दबाजी में लगाया गया था।

भोपाल की इमेज खराब हो रही है

शहरवासियों के लिए ये स्थिति बेहद दुखद है, क्योंकि स्वच्छता के नाम पर टैक्स के पैसे से बने ये सिस्टम अब उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोग भी इस बदहाली से निराश हो रहे हैं, और ये सब भोपाल की इमेज को खराब कर रहा है। नगर निगम की इस लापरवाही से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है?

कमिश्नर को कोई फिक्र नहीं है

निगमायुक्त संस्कृति जैन ने इस मामले पर कहा, "मुझे इसके बारे में फिलहाल जानकारी नहीं है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात करूंगी। इसके बाद ही उस विषय में कुछ बात कर सकूंगी।"

X (पूर्व में Twitter) पर पिछले 24 घंटे में इस विषय पर कोई विशेष प्रतिक्रियाएं नहीं मिलीं, लेकिन अगर कोई अपडेट आता है तो हम उसे कवर करेंगे।

इस न्यूज को सोशल मीडिया पर शेयर कीजिए और भोपाल समाचार को फॉलो करके शहर की ऐसी महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रहिए।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289
Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!