भोपाल, 10 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में, कॉलेज की लड़कियों को नशे का शिकार बनाकर ब्लैकमेल करने वाले मछली गैंग के बाद अब "चमड़ा गिरोह" सुर्खियों में है। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता लेकिन भोपाल में बड़े पैमाने पर गाय के मांस का कारोबार हो रहा था। यहां गायों की हत्या केवल भोपाल के मांसाहारी लोगों के लिए नहीं बल्कि भारत के कई इलाकों में BEEF की डिमांड करने वालों के लिए की जा रही थी। खुलासा हो गया है लेकिन इस मामले में भी पॉलीटिकल कनेक्शंस सामने आ रहा है।
महिला महापौर मालती राय के संरक्षण में गौमांस का कारोबार?
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं और नगर निगम की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्लॉटर हाउस मामले में पकड़े गए "असलम चमड़ा" के खिलाफ पहले से शिकायत थी कि वह अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भोपाल लाकर गौकशी कराता है। उन्होंने कहा कि इस शिकायत पर पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पुलिस ने असलम के बयान को सही मानते हुए जो रिपोर्ट भेजी, उसके अनुसार स्लॉटर हाउस का संचालन भोपाल नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। कानूनगो ने सवाल उठाया कि यदि स्लॉटर हाउस नगर निगम के अधीन संचालित हो रहा था, तो फिर अब यह तय किया जाए कि नगर निगम के किस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे गहरे नेटवर्क का हिस्सा बताते हुए कहा कि भोपाल के आदमपुर छावनी क्षेत्र में मृत पशुओं के निष्पादन के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बना रेंडरिंग (कार्कस) प्लांट भी इसी असलम चमड़ा के पास है।
असलम चमड़ा के खिलाफ कार्रवाई और जांच शुरू की जाए
प्रियंक कानूनगो ने मांग की कि स्लॉटर हाउस और रेंडरिंग प्लांट दोनों को तत्काल असलम चमड़ा से वापस लिया जाए। साथ ही, अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की गहन जांच कर उन्हें भोपाल से बाहर निकाला जाए। उन्होंने इसे प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
स्लॉटर हाउस से जारी मीट सर्टिफिकेट मिला था
बता दें 17-18 दिसंबर की रात पीएचक्यू के सामने गाय की रक्षा के लिए काम करने वाले संगठनों ने मांस ले जा रहे एक कंटेनर को रोका था। कंटनेर में भोपाल स्लॉटर हाउस से जारी मीट सर्टिफिकेट मिला था, जिसके आधार पर पुलिस ने मांस और कंटेनर दोनों को जाने दिया था। इस कंटेनर से लिए गए मांस के नमूने की जांच में गोमांस की पुष्टि हुई।
मध्यप्रदेश में गौवंश वध और गौमांस पर सख्त कानून
मध्यप्रदेश में गौवंश के वध और गौमांस के अवैध परिवहन पर कानून के तहत पूरी तरह रोक है। मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार राज्य में गौवंश और गौमांस को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और इनके वध, बिक्री और ढुलाई को अपराध माना गया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत भी गौवंश को मारना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम किसी भी पशु को पीटने, उस पर जरूरत से ज्यादा बोझ डालने, अत्यधिक सवारी कराने या किसी भी तरह की पीड़ा देने पर रोक लगाता है। हाल ही में इन सभी कानूनों के प्रावधानों को लेकर जिले के अधिकारियों को विशेष रूप से जानकारी दी गई और उन्हें इन कानूनों के पालन और कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
असलम चमड़ा को पॉलिटिकल प्रोटेक्शन
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि असलम चमड़ा को किसका पॉलिटिकल प्रोटेक्शन हासिल है। भोपाल में स्लाटर हाउस का बड़े पैमाने पर विरोध हो चुका है। यह विरोध कांग्रेस नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के विधायकों द्वारा किया गया है। आज भी विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद श्री आलोक शर्मा सहित कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि स्लॉटर हाउस का विरोध करते हैं। सरकार ने कई बार कोशिश की लेकिन हर बार अपनी ही पार्टी में बड़े विरोध का सामना करना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि इस बार महापौर की MIC द्वारा स्लॉटर हाउस की मंजूरी दी गई थी।
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