भोपाल, 10 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर HIT AND RUN का मामला सामने आया है। विदिशा से भोपाल आई यात्री बस में महिला टीचर को टक्कर मारी और फिर 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। घसीटे जाने के कारण महिला शिक्षक की मौत हुई लेकिन पुलिस ने केवल लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
BHOPAL HIT AND RUN घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान महिमा जिंदल उम्र 27 वर्ष के रूप में हुई है। वह अयोध्या बायपास स्थित अभिनव होम्स कॉलोनी में रहती थी। महिमा जेल रोड स्थित द्वारका धाम कॉलोनी के सागर पब्लिक स्कूल में शिक्षिका थी। वह स्कूल में प्राचार्य की पीए के रूप में भी कार्यरत थी। रोज की तरह शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह स्कूटी से स्कूल के लिए निकली थी। छोला थाना क्षेत्र के भानपुर ब्रिज के पास महिमा जब ब्रिज से नीचे उतरकर रोटरी के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार सरकारी यात्री बस ने उसे टक्कर मार दी। बस विदिशा से भोपाल के बैरसिया स्टैंड की ओर जा रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी बस के अगले हिस्से में फंस गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शी लोगों का कहना है कि, इस स्कूटी के साथ महिमा भी बस के आगे फंसी हुई थी इसके बावजूद ड्राइवर ने बस नहीं रोकी, बल्कि तेज रफ्तार में आगे बढ़ा दी। वह युवती को घसीटते हुए करीब 100 मीटर तक ले गया। राहगीरों ने शोर मचाया और बस का पीछा किया। जब ड्राइवर को समझ में आया कि वह बस के साथ फरार नहीं हो सकता है तो बस को छोड़कर भाग गया।
महिमा की मौत टक्कर से नहीं घिसटने से हुई
100 मीटर तक सड़क पर घिसटने से महिमा को गंभीर चोटें आईं। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर खून बिखरा पड़ा था। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया। एसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि आरोपी चालक धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी विदिशा का रहने वाला है।
महिमा अपने परिवार में दो बहनों में बड़ी थी। उसके पिता योगेश जिंदल एक कार शोरूम में काम करते हैं। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। स्कूल स्टाफ और छात्र भी सदमे में हैं।
पुलिस का पक्षपात
पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ सिर्फ लापरवाही से वाहन चलाने और मौत का मामला दर्ज किया है। जबकि यह HIT AND RUN का मामला है। जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) के तहत आता है और इस धारा के अंतर्गत अपराधी को 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। लापरवाही से वाहन चलाने के अपराध में तत्काल जमानत मिल जाती है जबकि HIT AND RUN मामले में तत्काल जमानत नहीं मिलती। आरोपी ड्राइवर को मामले की इन्वेस्टीगेशन पूरी होने तक जेल में रखा जाता है।
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