भोपाल, 1 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार की नगरी प्रशासन मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के साथ अभद्रता के मामले में प्रदेश कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। राजधानी भोपाल में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने मंत्री के सरकारी निवास का घेराव किया और प्रदर्शन करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने अपने आपत्तिजनक बयान में "घंटा" शब्द का उपयोग किया था इसलिए कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर घंटियां बजाईं।
वीडियो वायरल होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने माफी मांगी
दरअसल, इंदौर में दूषित पानी से अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों बीमार हैं। मीडिया से बातचीत में मंत्री विजयवर्गीय से जब इस मामले की जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे गए, तो वे भड़क गए और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने माफी मांगी और कहा कि दुख की स्थिति में गलत शब्द निकल गए। लेकिन कांग्रेस ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया और सत्ता के नशे में मदमस्त होने का आरोप लगाया।
भोपाल में महिलाओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय फोटो पर जूते-चप्पल बरसाए
भोपाल में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताएं हाथों में घंटियां लेकर मंत्री के निवास पहुंचीं और घंटी बजाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी फोटो पर जूते-चप्पल बरसाए। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कंसाना ने कहा कि मंत्री का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे संवेदनशील मामले में यह गैर-जिम्मेदारी का सबूत है। विरोध करना हमारा हक है।
इस घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को सस्पेंड और एक को बर्खास्त किया गया है। जांच कमेटी भी बनाई गई है। मृतकों के परिवारों को मुआवजा और मरीजों का मुफ्त इलाज का ऐलान हुआ है। लेकिन विपक्ष इसे नाकाफी बता रहा है और मंत्री की इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।
संख्या इतनी कम थी कि MPPCC ने फोटो वीडियो भी शेयर नहीं किए
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या कमजोर कांग्रेस है। इस प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या इतनी कम थी, की मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए इस प्रदर्शन के फोटो और वीडियो तक शेयर नहीं किए। प्रदर्शन की जिम्मेदारी जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना को सौंप गई थी। वह बड़ी मुश्किल से 10-12 महिलाओं को इकट्ठा कर पाए। महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा कर रहे थे।
X लोगों की प्रतिक्रियाएं
पिछले 24 घंटों में X (पूर्व ट्विटर) पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हैं। कई यूजर्स ने मंत्री के बयान को गलत ठहराया और इस्तीफे की मांग की। कुछ ने कांग्रेस के प्रदर्शन को सपोर्ट किया, जबकि अन्य ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। एक पोस्ट में कहा गया कि सबसे स्वच्छ शहर में ऐसी लापरवाही शर्मनाक है।
इस न्यूज को सोशल मीडिया पर शेयर करें और भोपाल समाचार को फॉलो करें ताकि ऐसी खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचें।
.webp)