श्योपुर, 1 जनवरी 2025: पुलिस ने 49 वर्षीय सरकारी शिक्षक रमाकांत पाठक के अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है। 27 दिसंबर को डेड बॉडी मिली थी। पांचवें दिन मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि शिक्षक रमाकांत पाठक की हत्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साधना शर्मा के बॉयफ्रेंड मनीष जाटव ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर की। साधना, रमाकांत की धर्मपत्नी है। हत्या को हादसा बताने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV रिकॉर्डिंग के आधार पर हत्यारी लव स्टोरी सामने आ गई।
शुरुआत में रोड एक्सीडेंट लग रहा था
सब कुछ शुरू हुआ 27 दिसंबर 2025 को, जब कराहल घाटी के कसलह मोड़ के पास एक ढलान पर रमाकांत पाठक का शव मिला। शुरुआत में लगा कि यह कोई रोड एक्सीडेंट है, इसलिए थाने में मर्ग दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस को कुछ संदेह हुआ और जांच आगे बढ़ी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हो गया की एक्सीडेंट नहीं बल्कि गलत होने से मृत्यु हुई है। डिजिटल एविडेंस और पूछताछ के आधार पर कंफर्म हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी।
डेढ़ साल पहले शुरू हुई साधना शर्मा और मनीष जाटव की लव स्टोरी
कहानी की जड़ें जाती हैं एक पेट्रोल पंप पर। आरोपी मनीष जाटव (मनीष साकेत उम्र 24 वर्ष) उसी पंप पर काम करता था, जिसके ठीक सामने रमाकांत का घर था। रमाकांत की पत्नी साधना शर्मा (37 साल), जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, रोज काम पर जाते वक्त उसी रास्ते से गुजरती थीं। करीब डेढ़ साल पहले साधना और मनीष की नजरें मिलीं और बातें बढ़ीं। धीरे-धीरे यह मुलाकात प्रेम प्रसंग में बदल गई।
डेढ़ महीने पहले रमाकांत की हत्या का फैसला लिया
लेकिन रमाकांत इस रिश्ते में रोड़ा बन रहे थे। करीब डेढ़ महीने पहले साधना और मनीष ने मिलकर फैसला कर लिया कि पति को रास्ते से हटाना होगा। मनीष ने अपनी इस साजिश में अपने दोस्त सतनाम सिंह सरदार (37 साल) को भी शामिल कर लिया। योजना थी इतनी शातिर कि कोई शक न करे।
रमाकांत पाठक की हत्या कैसे की गई
मनीष ने पहले रमाकांत से दोस्ती गाढ़ी की, क्योंकि रमाकांत अक्सर उसी पंप पर गाड़ी में पेट्रोल डलवाने आता था। घटना वाले दिन मनीष और सतनाम ने रमाकांत को बाइक पर घूमने के बहाने लेकर निकले। पहले पेट्रोल पंप पहुंचे, अपनी बाइक खड़ी की और फिर तीनों एक कार में सवार होकर नॉनपुरा घाटी के सुनसान इलाके में गए। वहां मनीष और सतनाम ने मिलकर रमाकांत पाठक की गला दबाकर हत्या कर दी।
आरोपी इतने चालाक थे कि हत्या को एक्सीडेंट दिखाने के लिए वापस पंप आए, रमाकांत की बाइक ली और फिर घाटी में जाकर शव के साथ बाइक को भी ढलान पर फेंक दिया। सब कुछ ऐसा लगे जैसे बाइक फिसल गई हो।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश ने इनकी पोल खोल दी।। CCTV फुटेज में पेट्रोल पंप पर रमाकांत को मनीष और सतनाम के साथ देखा गया। इसी क्लू से पुलिस ने मनीष और सतनाम को पकड़ा और सख्त पूछताछ की। दोनों ने कबूल लिया और साधना का नाम लिया, जो इस साजिश की मास्टरमाइंड निकलीं। आखिरकार पुलिस ने साधना को भी गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी यास्मीन खान और एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना की टीम को इस तेज जांच के लिए सराहना मिल रही है।
यह मामला एक बार फिर समाज को आईना दिखाता है कि रिश्तों में विश्वासघात कितना खतरनाक हो सकता है। पति सरकारी शिक्षक और पत्नी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। जिंदगी में वह चुनौती नहीं थी जो भारत के 100 करोड लोगों की लाइफ में है। सब कुछ ठीक जा रहा था फिर भी, साधना के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ने सब कुछ खत्म कर दिया।
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