Amagi Media Labs IPO की ग्रे मार्केट में बैंड बज गई, GMP 11% से गिरकर 5.54%

मुंबई, स्टॉक एक्सचेंज रिपोर्टर, 14 जनवरी 2026:
कॉलेज के दोस्तों द्वारा 17 साल पहले शुरू की गई कंपनी की 17 साल की सफलता पर उसे समय दाग लग गया जब कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में एंट्री करने वाली है। आईपीओ लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में प्रीमियम 11.91% से घटकर सिर्फ 5.54% रह गया। जबकि आईपीओ ओपन होने की एक दिन पहले अक्सर GMP बढ़ जाता है। 

Amagi Media Labs IPO Day-wise GMP Trend

आईए जानते हैं Amagi Media Labs का IPO जल्दी सब्सक्राइब हो रहा है या स्लो है? 8 जनवरी को कंपनी ने अपना आईपीओ प्राइस 361 रुपए ओपन किया था। यानी कंपनी अपने ₹5 वाले एक शेयर के बदले 361 रुपए मांग रही थी। जबकि ग्रे मार्केट में लोग कंपनी के शेयर को 404 रुपए में खरीदने के लिए तैयार थे। इस प्रकार कंपनी का GMP 11.91% ओपन हुआ था। 9 जनवरी को GMP 10.25% हुआ तो सोचा की मार्केट एडजस्ट हुआ है। कंपनी के वैल्यूएशन में जो गलती हो गई थी उसे सुधार लिया गया है लेकिन 12 जनवरी को आईपीओ के ओपन होने के ठीक 1 दिन पहले GMP 5.54% रह गया। कंपनी में लॉन्ग टर्म इन्वेस्ट करने वालों के लिए GMP एक सिग्नल होता है। इसमें 50% से अधिक की गिरावट ने सभी इन्वेस्टर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है कि पहले दिन आईपीओ केवल 0.07x सब्सक्राइब हुआ। जबकि अच्छी कंपनियों के आईपीओ पहले दिन फुल हो जाते हैं। 

लोग जानना चाहते हैं कि IPO Listing पर मुझे कितना रिटर्न मिल सकता है? मार्केट में इसको IPO LISTING GAIN कहते हैं। यह जानकर लोगों का उत्साह टूट गया होगा कि GMP प्रीमियम में 50% से अधिक की गिरावट हो गई है। यह 15% से कम था और अब सिर्फ 6% रह गया है। आजकल तो लोग इन्वेस्टमेंट करने से पहले ChatGPT से भी पूछने लगे हैं, क्या मैं पैसा लगाऊँ? आप कुछ सोचिए कि जब GMP में गिरावट और सब्सक्रिप्शन में कमी आ रही हो तो AI क्या आंसर करेगा।

Amagi Media Labs के नेगेटिव

कंपनी की कहानी और पॉजिटिव आप पढ़ चुके हैं। यदि नहीं पढ़ पाए थे तो यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं। अभी यह जानने की कोशिश करते हैं कि शेयर बाजार में इन्वेस्टर्स ने इस कंपनी को भाव क्यों नहीं दिया। बात केवल GMP की है या फिर कंपनी में कुछ और भी नेगेटिव है जिसके कारण इन्वेस्टर्स ने कंपनी को देखकर अनदेखा कर दिया:- 

ऐतिहासिक घाटा और नेगेटिव कैश फ्लो: कंपनी ने अतीत में लगातार घाटे और नकारात्मक कैश फ्लो (Negative Cash Flow) का सामना किया है। सितंबर 2024 को समाप्त छमाही और पिछले तीन वित्तीय वर्षों में कंपनी घाटे में रही है, जिसका मुख्य कारण व्यापार विस्तार और कर्मचारियों पर होने वाला उच्च खर्च है। यहां बिजनेस को बढ़ाने में पैसा खर्च करने से किसी को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यदि कर्मचारियों पर आवश्यकता से अधिक पैसा खर्च किया जाता है तो इन्वेस्टर्स इसे काफी नेगेटिव मानते हैं।

आईपीओ की टाइमिंग बहुत गलत है

Geographical Concentration: कंपनी का राजस्व अत्यधिक रूप से अमेरिका (लगभग 73%) और यूरोप (लगभग 17%) पर केंद्रित है। अब अमेरिका के तो आप सबको पता है। MAGA के पहले तक जिन कंपनियों को अमेरिका के नाम पर भर-भर कर इन्वेस्टमेंट मिलता था। आज उन कंपनियों में लोग अपना टाइम इन्वेस्ट करने को तैयार नहीं है। कंपनी में कितना भी पोटेंशियल हो लेकिन यदि वह अमेरिका पर डिपेंड है तो, वर्तमान में इन्वेस्टमेंट मिलना बहुत मुश्किल है। हाल ही में 500% तारीफ की बात हुई है। ऐसी स्थिति में कंपनी का यह आईपीओ अपने पैर पर कुल्हाड़ी नहीं बल्कि डायनामाइट है।

थर्ड पार्टी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर डिपेंडेंसी: 

कंपनी अपने प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए पूरी तरह से Amazon Web Services (AWS) जैसे तीसरे पक्ष के क्लाउड सेवा प्रदाताओं पर निर्भर है। इन सेवाओं में कोई भी तकनीकी खराबी या रुकावट कंपनी की विश्वसनीयता और राजस्व को प्रभावित कर सकती है।

प्रमुख ग्राहकों पर निर्भरता: राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सीमित संख्या में ग्राहकों से आता है। वित्तीय वर्ष 2025 में, शीर्ष 10 ग्राहकों का योगदान कुल राजस्व का 33.74% था। इसमें से एक प्रमुख अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अकेले 14.06% राजस्व का योगदान देती है, और ऐसे किसी भी बड़े ग्राहक का जाना कंपनी के लिए नुकसानदेह हो सकता है और इसमें कोई दो राय नहीं की इन्वेस्टर यह मानकर चल रहे होंगे कि अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के साथ धंधा तो बंद होगा, भाई।

उच्च कर्मचारी लागत: कंपनी के कुल खर्चों का सबसे बड़ा हिस्सा कर्मचारी लाभ (Employee Benefit Expenses) है, जो वित्तीय वर्ष 2025 में कुल खर्च का 54.50% था। कर्मचारी लागत में हर साल वृद्धि होती है। जिस कंपनी में पहले से ही एंप्लाइज बेनिफिट्स एक्सपेंस 50% से ज्यादा चल रहे हों, उसका क्या भविष्य मान जा सकता है। 

इसके अलावा भी 10 से ज्यादा छोटी-छोटी ऐसी बातें हैं जो एक मकड़जाल बनती है जो इन्वेस्टर्स को कंपनी के पास जाने से रोक रहा है। 

डिस्क्लेमर:- इस न्यूज़ में केवल यह जानने की कोशिश की गई है कि आईपीओ ओपनिंग के पहले दिन कंपनी को इतना ठंडा रिस्पांस क्यों मिला। इसलिए केवल नेगेटिव टिप्स की बात की गई है। इसका मतलब हम किसी भी इन्वेस्टर को कंपनी में इन्वेस्टमेंट "नहीं" करने के लिए प्रेरित नहीं कर रहे हैं। कृपया अपना डिसीजन बनाने से पहले सभी प्राप्त जानकारी को अपनी तराजू पर तोलिए। 
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