भोपाल, 10 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश में आगामी भारत जनगणना 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में सभी विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों में होने वाले किसी भी बदलाव को 31 दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि census का काम सुचारू रूप से हो सके।
जनगणना 2027 दो चरणों में होगी
बैठक में बताया गया कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण मकान सूचीकरण और housing census का होगा, जो 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस अवधि को तय करते समय स्कूली बच्चों की पढ़ाई और मानसून जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाए। दूसरा चरण पूरे देश में एक साथ फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग को जनगणना के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग को कहा गया कि 2026-27 का academic calendar इसी हिसाब से तैयार करें, ताकि परीक्षाओं से छात्रों को कोई परेशानी न हो। सभी विभागों को आपस में coordination करके human resources की प्लानिंग करने को कहा गया। चूंकि यह जनगणना पूरी तरह digital होगी, इसलिए timely training की व्यवस्था पर जोर दिया गया। self-enumeration का प्रावधान भी होगा, जिसमें लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जनसंपर्क विभाग को निर्देश
मुख्य सचिव ने जनसंपर्क विभाग को निर्देश दिए कि लोगों में awareness फैलाएं और misconceptions दूर करें। खास तौर पर यह बताएं कि जनगणना पहली बार fully digital होगी, mobile app से data collection होगा और web portal से monitoring। साथ ही, census act की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह confidential रहेगी और इसे कहीं evidence के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
हर विभाग को अपना nodal officer नामित करने को कहा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। गृह विभाग को राज्य में nodal department बनाया गया है। निदेशक जनगणना ने presentation के जरिए डिजिटल roadmap और organizational structure की जानकारी दी। प्रदेश में करीब 1 लाख 75 हजार enumerators और supervisors की जरूरत बताई गई। पहले चरण का pre-test कुछ जिलों में नवंबर 2025 में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
यह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल census होगी, जिसमें self-enumeration का ऑप्शन भी मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर यह 2027 में होगी, जिसमें caste enumeration भी शामिल है। population enumeration ज्यादातर क्षेत्रों में मार्च 2027 की reference date के साथ फरवरी में होगी। इससे नीति निर्धारण और संसाधन में मदद मिलेगी। रिपोर्ट क्रमांक : 7349H बी/राजेश बैन।
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