भोपाल, 14 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायत सचिव की नियुक्ति के लिए नई शर्तों का निर्धारण कर दिया गया है। इन नियमों के तहत अब सचिव बनने के लिए CPCT यानी Computer Proficiency Certification Test पास करना अनिवार्य हो गया है। यह बदलाव ग्रामीण प्रशासन को डिजिटल इंडिया के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मप्र पंचायत सेवा-ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें नियम 2025
नए भर्ती नियमों को 'मप्र पंचायत सेवा-ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें नियम 2025' नाम दिया गया है। इनके लागू होने से 14 साल पुराने वर्ष 2011 के नियम पूरी तरह निरस्त हो जाएंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये नियम 11 दिसंबर 2025 के बाद पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगे। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों के लिए कुल 23 हजार 11 पद स्वीकृत किए गए हैं। विशेष रूप से ग्राम रोजगार सहायकों को इन पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा, जो स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने का प्रयास है।
भर्ती परीक्षा का आयोजन राज्य कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया जाएगा। योग्यता के मानदंडों में केवल स्नातक डिग्री धारकों को ही आवेदन का अवसर मिलेगा, साथ ही उनके पास CPCT का वैलिड सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा। नियुक्ति के बाद ग्राम पंचायत सचिवों को सातवां वेतनमान लागू होगा। पहले दो वर्ष की probation अवधि में उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये का वेतन मिलेगा। इसके बाद अगले आठ वर्षों तक वेतनमान 19,500 से 62,000 रुपये के बीच रहेगा, जबकि दस वर्ष की सेवा पूरी होने पर यह 23,500 से 80,500 रुपये तक पहुंच जाएगा। रिटायरमेंट की आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है और सिविल सेवा नियमों के अनुसार सभी प्रकार के अवकाश व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद है, खासकर डिजिटल गवर्नेंस के दौर में। पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि CPCT की अनिवार्यता से सचिवों की कंप्यूटर स्किल्स सुनिश्चित होंगी, जो ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सर्विस डिलीवरी को आसान बनाएगी। हालांकि, नए नियमों के लागू होने से पहले ही हजारों ग्राम रोजगार सहायक अपनी तैयारी तेज कर चुके हैं। राज्य स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
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