MP Excise Department रीवा के प्रभारी उपायुक्त संभागीय उड़नदस्ता सस्पेंड, 6 साल पुराना मामला

Updesh Awasthee
मध्य प्रदेश शासन, आबकारी विभाग द्वारा लंबे समय तक पेंडिंग रखने के बाद, अपने अधिकारी श्री आलोक खरे के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की स्वीकृति दे दी गई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा चालान पेश किया गया और नियम के अनुसार श्री आलोक खरे को सस्पेंड कर दिया गया। 

लोकायुक्त ने 2019 में मामला दर्ज किया था

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा शनिवार को अवकाश के बावजूद खरे के सस्पेंशन आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त इंदौर आलोक खरे जो वर्तमान में प्रभारी उपायुक्त संभागीय उड़नदस्ता रीवा पदस्थ हैं, इनके विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा अनुपातहीन संपत्ति अर्जित किए जाने के मामले में अपराध क्रमांक 238/2019 दर्ज किया गया है। खरे के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा 4 अप्रेल 2025 को जारी अभियोजन स्वीकृति के बाद विशेष न्यायालय में 8 अक्टूबर को चालान पेश किया गया है। इसके चलते आलोक खरे को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि में खरे का मुख्यालय अपर आबकारी आयुक्त राज्य स्तरीय उड़नदस्ता भोपाल तय किया गया है।

100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त हुई थी

6 साल पहले सहायक आबकारी आयुक्त इंदौर के पद पर पदस्थ रहे आलोक कुमार खरे के 7 ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापेमारी की थी। इनमें भोपाल में दो, इंदौर में दो, रायसेन में दो और छतरपुर में एक जगह एक साथ कार्रवाई हुई थी। प्रारंभिक जांच में ही करीब 100 करोड़ से अधिक की संपति का खुलासा हुआ था।

खरे का इंदौर के पॉश इलाके में एक पैंट हाउस और एक बंगले का पता चला। यहां से तीन किलो सोना मिला। भोपाल के चूनाभट्टी और बाग मुगालिया में दो बड़े बंगले और कोलार में फाॅर्म हाउस की जमीन पता चली थी। रायसेन में दो फाॅर्म हाउस का भी खुलासा हुआ।

एक दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियां मिली थीं और इंदौर के बंगले से 10 लाख रुपए और रायसेन के फाॅर्म हाउस से पांच लाख रुपए कैश मिले। खरे ने दिखा रखा था कि उनकी पत्नी रायसेन में फलों की खेती करती हैं और वे पत्नी के नाम से ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे थे।

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