मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना और परशुराम सेवा संगठन ने आज भोपाल में मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों को कहना है कि, आरक्षण का निर्धारण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आवश्यकता के आधार पर किया जाना चाहिए। जाति के आधार पर 90% आरक्षण और निर्धन नागरिकों के बच्चों को सिर्फ 10% आरक्षण नहीं चलेगा। हम इसका विरोध करते हैं और इसके खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।
आरक्षण का उद्देश्य गरीबों के जीवन का उत्थान होना चाहिए: परशुराम सेवा संगठन
राजधानी भोपाल में एक प्रेस कांफ्रेंस जिसमें परशुराम सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला, श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सहेन्द्र सिंह दीखित, प्रदेश प्रवक्ता किरण सिंह राठौड़, ओमप्रकाश मिश्रा, अधिवक्ता श्रेय दीवान, मयंक दुबे मौजूद थे, उपरोक्त ऐलान किया गया। परशुराम सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पांडे ने कहा कि, हमें किसी भी तरीके के आरक्षण से कोई आपत्ति नहीं हैं। आप आरक्षण दीजिए लेकिन, ये बात समझिए कि आरक्षण देने का मुख्य उद्देश्य गरीबों के जीवन उत्थान को ध्यान में रखकर दिया जाए।
किस बात को लेकर सरकार हम लोगों को साइड कर रही है: श्री राजपूत करणी सेना
श्री राजपूत करणी सेना के प्रवक्ता श्री करण सिंह राठौड़ का कहना है कि, अगर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू होता है तो सरकार को पहले हमारी तरफ भी ध्यान देना चाहिए। किस बात को लेकर आप हम लोगों को साइड कर रहे हैं। ईडब्ल्यूएस के 10% आरक्षण में गरीब वर्ग के बच्चों को उसमें लाभ नहीं मिल रहा। हम इसको होने नहीं देना चाहते। यदि होता है तो हमें भी बराबर में रखा जाए। यदि हमारे अधिकारों में कोई चीज नहीं जोड़ी गई तो हम भी कोर्ट जाएंगे।
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