Space News - हमारे पड़ोसी ब्रह्मांड में पृथ्वी जैसे चार ग्रह मिले, रोचक जानकारी पढ़िए

Bhopal Samachar
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यह पृथ्वी के खगोलविदों (Astronomers) के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है और भारत में प्रचलित प्राचीन कथाओं को प्रमाणित करती है। हमारे ब्रह्मांड से मात्र छह प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित दूसरे ब्रह्मांड में पृथ्वी जैसे चार ग्रह मिले हैं। अब वैज्ञानिक पता लगाने की कोशिश करेंगे कि, क्या वहां पर भी कभी जीवन था। क्या आज भी वहां पर जीवन है। या फिर वहां पर जो कुछ भी हो रहा है, बाद में हमारे ब्रह्मांड में भी यही सब कुछ होने वाला है। यह अध्ययन और इससे जुड़ी हुई संभावनाएं बेहद रोचक है। पढ़िए:- 

Four Sub-Earth Planets Orbiting Barnard’s Star from MAROON-X and ESPRESSO

हमने अपने सबसे नजदीकी सूर्य का नाम Barnard’s Star रखा है। यह अंतरिक्ष में हमारा पड़ोसी है। पृथ्वी से इसकी दूरी 6 प्रकाश वर्ष है। अर्थात यदि हम प्रकाश की गति से चलते हैं तो Barnard’s Star तक पहुंचने में हमें 6 वर्ष लगेंगे लेकिन NASA के पास जो अंतरिक्ष यान है उनका उपयोग करते हैं तो Barnard’s Star तक पहुंचने में 1.6 लाख साल लगेंगे। अर्थात हमारे वैज्ञानिकों को आज जो जानकारी मिली है वह 1.6 लाख साल पुरानी है। The Astrophysical Journal Letters में यह खुलासा Ritvik Basant, Rafael Luque, Jacob L. Bean, Andreas Seifahrt, Madison Brady, Lily L. Zhao, Nina Brown, Tanya Das, Julian Stürmer, David Kasper, Rohan Gupta and Guđmundur Stefánsson द्वारा किया गया है। 

चारों ग्रह कितने बड़े हैं, क्या वहां भी 1 साल में 365 दिन होते हैं

उपरोक्त खगोलविदों ने बताया कि हमारे पास पहले इतने आधुनिक उपकरण नहीं थे। इस रिसर्च के लिए मुख्य रूप से Radial Velocity Instrument, का उपयोग किया गया जो हवाई (Hawaii) की Maunakea चोटी पर लगे Gemini Telescope से जुड़ा है। स्टडी रिपोर्ट में बताया गया है कि यह चारों ग्रह बिल्कुल पृथ्वी की तरह है। इन ग्रहों पर चट्टान पाई गई है। लेकिन इनका आकार पृथ्वी की तुलना में लगभग 25% है। यह अपने सूर्य के काफी नजदीक परिक्रमा कर रहे हैं। जो ग्रह सबसे नजदीक है उसका 1 साल हमारे दो दिन के बराबर है और जो ग्रह सबसे दूर है इसका एक साल हमारे एक सप्ताह के बराबर है। अर्थात सबसे नजदीक वाला ग्रह सिर्फ दो दिन में अपने सूर्य की परिक्रमा कर देता है और सबसे दूर वाला ग्रह सिर्फ 7 दिन में सूर्य की परिक्रमा पूरी कर देता है। जबकि हमारी पृथ्वी 365 दिन में सूर्य की परिक्रमा पूरी करती है। 

क्या वहां पर भी जीवन है

जिन ग्रहण का पता लगाया गया है वहां पर पृथ्वी के समान कई पहाड़ और चट्टानें पाई गई है परंतु वहां पर ऑक्सीजन है या नहीं। वहां का पर्यावरण हमारे पर्यावरण जैसा है या नहीं। फिलहाल इसका कुछ पता नहीं चल पाया है। क्योंकि वह चारों ग्रह अपने सूर्य के काफी नजदीक है इसलिए हम अपनी पृथ्वी के अनुभव के आधार पर यह कह सकते हैं कि वहां पर इतने अधिक तापमान में जीवन नहीं हो सकता। 

क्या वह ब्रह्मांड हमारा भविष्य है?

इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत की कई प्राचीन कथाओं में पृथ्वी के अतिरिक्त अन्य कई ब्रह्मांड में जीवन के होने का उल्लेख मिलता है। यह भी उल्लेख मिलता है कि अपने ब्रह्मांड से पहले कोई ब्रह्मांड था। NASA के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि, हमारे ब्रह्मांड में धीरे-धीरे सूर्य का आकार बढ़ता जाएगा और एक दिन हमारी पृथ्वी भी अपने सूर्य के बिल्कुल इतनी ही नजदीक होगी। शायद हमारा पड़ोसी ब्रह्मांड नष्ट होने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। इस स्थिति में हमको पहुंचने में कई करोड़ वर्ष लगने वाले हैं। 

हम सबके लिए यह जान लेना बेहद रोमांचकारी है कि, अब हमारे पास ऐसे टेलिस्कोप हैं, जिनकी मदद से हम पड़ोसी ब्रह्मांड में झांककर वहां की गतिविधियों को देख सकते हैं। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हम यह भी पता लगा पाएंगे कि, पृथ्वी जैसे उन चारों ग्रहों में पहाड़ और चट्टानों के अलावा क्या-क्या है। 

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