Employees news - प्रोबेशनरी कर्मचारी की सेवा समाप्ति के संबंध में हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण जजमेंट पढ़िए

Bhopal Samachar
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परिवीक्षाधीन कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं सेवा समाप्ति को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय दिया गया है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि परिवीक्षा अवधि समाप्त हो जाने पर, कर्मचारी की सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके लिए किसी भी जांच अथवा प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। असंतोषजनक सेवा पर्याप्त आधार है। उच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोफेशनल कर्मचारी अथवा अधिकारी की सेवा समाप्ति, ना तो बर्खास्तगी है और ना ही निष्कासन, लेकिन यदि किसी परिवीक्षाधीन कर्मचारी के चरित्र अथवा ईमानदारी के विरुद्ध दंड के स्वरूप उसकी सेवा समाप्त की जाती है तो, ऐसे आदेश को चुनौती दी जा सकती है। 

संजय कुमार सेंगर बनाम केएल जैन इंटर कॉलेज मामला

याचिकाकर्ता संजय कुमार सेंगर का 2006 में केएल जैन इंटर कॉलेज महामाया नगर में सहायक अध्यापक व्यायाम के पद पर चयन हुआ। उनकी परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाकर 2008 तक कर दी गई। 2007 में जब याची को वेतन नहीं दिया गया तो उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद प्रतिवादी संस्थान केएल जैन इंटर कॉलेज के प्रबंधक ने याचिकाकर्ता संजय कुमार सेंगर के खिलाफ कई आरोप लगा 8 अक्तूबर 2007 को एक आरोप पत्र प्रस्तुत किया और जांच समिति गठित कर दी गई।

समिति ने 20 नवंबर 2007 को जांच रिपोर्ट देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। आरोप सही पाए जाने और जवाब से संतुष्ट न होने पर संजय कुमार सेंगर की सेवा को प्रोबेशन अवधि की समाप्ति के साथ समाप्त कर दी गई। साथ ही याचिकाकर्ता संजय कुमार सेंगर की जगह पर विज्ञापन निकाला गया और अन्य व्यक्ति की नियुक्ति की गई। इसे याचिकाकर्ता संजय कुमार सेंगर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

कोर्ट ने कहा, परिवीक्षाधीन व्यक्ति की सेवाओं का विस्तार संतोषजनक सेवा के आधार पर होता है। यदि उसकी सेवाएं असंतोषजनक पाई जाती हैं तो जांच किए बिना भी उसकी नियुक्ति रद्द की जा सकती है। कोर्ट ने पाया कि मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का विधिवत अनुपालन किया गया। वहीं, याचिकाकर्ता को अपना बचाव प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में परिवीक्षा अवधि न बढ़ाने और सेवा समाप्त करने के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। 

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने संजय कुमार सेंगर बनाम केएल जैन इंटर कॉलेज मामले में दिया गया। विनम्र अनुरोध कृपया हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें। सबसे तेज अपडेट प्राप्त करने के लिए टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करें एवं हमारे व्हाट्सएप कम्युनिटी ज्वॉइन करें।
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