BNS 253 - हवालात या न्यायिक अभिरक्षा से भागने वाले व्यक्ति को आश्रय देना, कौन सी धारा कितनी सजा

Bhopal Samachar
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पुलिस द्वारा जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करके कोर्ट में प्रस्तुत किया जाता है और न्यायालय उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज देता है (चाहे वह पुलिस थाने में हो या फिर जेल में)। ऐसा व्यक्ति यदि न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो जाए, तो उसे आश्रय देने वाले अथवा किसी भी प्रकार से पुलिस से छुपाने वाले व्यक्ति को भी अपराधी माना जाता है और भारतीय न्याय संहिता 2023 में उसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 253 की परिभाषा

जब कोई अपराधी पुलिस अभिरक्षा से या न्यायिक अभिरक्षा से भाग जाता है और कोई व्यक्ति उसे आश्रय देता है या छिपा लेता है तब, अपराधी को आश्रय देने वाले अथवा उसे छुपा लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 253 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और सजा के निर्धारण के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 
नोट:- पति या पत्नी द्वारा पत्नी या पति को आश्रय देना अपराध नहीं होगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita,2023 Section 253 Provision of punishment

इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय होते हैं अर्थात पुलिस अधिकारी द्वारा इस अपराध की डायरेक्ट एफआईआर दर्ज हो सकती है। इस अपराध की सुनवाई प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है एवं इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझोता योग्य नहीं होते हैं।
सजा :- इस धारा के अपराध की सजा एवं दण्ड को निम्न भागों में बांटा गया है:-
1. मृत्यु दण्ड से दण्डित फरार अपराधी को आश्रय देने पर:- अधिकतम सात वर्ष की कारावास या जुर्माना से दण्डित होगा।
2. आजीवन कारावास से लेकर दस वर्ष की कारावास से दण्डित अपराध के फरार अपराधी को आश्रय देने या छुपाने पर अधिकतम तीन वर्ष की कारावास और जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।
3. दस वर्ष से कम अपराध की सजा से दण्डित अपराधी को आश्रय देने या छुपाने के लिए अधिकतम कुल अपराध की सजा से एक चौथाई सजा या जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है। लेखक✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद)। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

डिस्क्लेमर - यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के लिए है। कृपया किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से पहले बार एसोसिएशन द्वारा अधिकृत अधिवक्ता से संपर्क करें। 

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