शिवराज सिंह को कृषि मंत्री बनाए जाने का देशव्यापी विरोध, जयराम ने सिंधिया को भी रगड़ा - MP NEWS

कर्मफलं नापरित्यज्यम् (हर कर्म का एक परिणाम होता है और उसे त्यागा नहीं जा सकता)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं एक किसान है और खेती की काफी अच्छी समझ रखते हैं इसलिए केंद्र सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया परंतु मंदसौर गोलीकांड के कारण उन्हें कृषि मंत्री बनाए जाने का देशव्यापी विरोध हो रहा है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने इस मौके का फायदा उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी रगड़ डाला। 

शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन 

12 जून, बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्री बनाने के विरोध में प्रदर्शन किया। किसान मोर्चा ने जून 2017 में मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुई छह किसानों की हत्या के लिए भी चौहान को जिम्मेदार ठहराया। बुधवार को जारी किए गए बयान में संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि जब किसान स्वामीनाथन आयोग द्वारा दिए गए 'लागत का ढाई गुना' फॉर्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने, व्यापक ऋण माफी की मांग और किसानों की आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन कर रहे थे, उस दौरान मध्य प्रदेश के मंदसौर में प्रदर्शनकारी किसानों की 'हत्या' की गई। शिवराज सिंह चौहान उसे समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। इसलिए शिवराज सिंह चौहान एक किसान विरोधी नेता है। उन्हें कृषि मंत्री के पद पर नहीं होना चाहिए। 

शिवराज सिंह को कुर्सी से उतारने दिल्ली में बड़ी बैठक का आयोजन 

संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि, दिनांक 10 जुलाई को राजधानी दिल्ली में उनकी आम सभा की बैठक होगी। इस बैठक में पूरे भारत से मोर्चे के घटक किसान संगठनों के किसान नेता शामिल होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा, 'शिवराज सिंह चौहान को किसान कल्याण मंत्री बनाने का निर्णय, 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ण बहुमत वाली पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा प्रदर्शित अहंकार और असंवेदनशीलता का प्रतीक है. इस निर्णय ने पूरे देश में किसानों और ग्रामीणों में रोष पैदा कर दिया है।

शिवराज और सिंधिया दोनों किसान विरोधी: जयराम रमेश

मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस के नेता जय राम रमेश ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को रगड़ लिया।जयराम रमेश ने अपने X में लिखा- संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने जून 2017 में मध्यप्रदेश के मंदसौर में जो हुआ था उसे देश के लोगों को याद दिलाने का सही काम किया है। मौजूदा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तब वहां के मुख्यमंत्री थे। पुलिस ने छह किसानों की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे अपनी फ़सलों के लिए पर्याप्त MSP न होने का विरोध कर रहे थे और अपने गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए ऋण माफ़ी की मांग कर रहे थे। दुर्भाग्य से, मंदसौर में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में एक दलबदलू भी शामिल थे - जिन्होंने मार्च 2020 में गद्दारी कर के लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने में मुख्य भूमिका निभाई जिसने ऋण माफ़ी शुरू की थी - अब वह दूरसंचार और पूर्वोत्तर विकास मंत्री हैं। 

कंगना रनौत के बयान से भड़के किसान 

किसान आंदोलन के दौरान तत्कालीन बॉलीवुड एक्टर कंगना रनौत ने आंदोलनकारी महिलाओं के विषय में कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिसके कारण किसानों में कंगना रनौत के प्रति काफी नाराजगी थी। मंडी से चुनाव जीतने के बाद जब कंगना रानाउत दिल्ली आ रही थी तब एक महिला आंदोलनकारी की बेटी (जो एयरपोर्ट में सिक्योरिटी के लिए पदस्थ थी) ने माननीय सांसद कंगना रनौत को चांटा मार दिया था। इसके जवाब में कंगना रनौत ने कुछ बयान जारी किए और उनके समर्थकों ने किसानों के प्रति एक बार फिर काफी आपत्तिजनक कमेंट कर दिए। इधर MSP का मामला पेंडिंग चल ही रहा है। कुल मिलाकर कंगना रनौत ने एक बार फिर किसान आंदोलन को भड़का दिया है। 

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