तीन में न तेरह में.. मुहावरा पूरा है या अधूरा, इसकी शुरुआत कब हुई, पढ़िए रोचक कहानी- GK Today

Bhopal Samachar
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तीन में न तेरह में, मुहावरा तो आपने भी सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अधूरा है। पूरे मुहावरे में इसी प्रकार के 2 वाक्य और भी हैं। ज्यादातर लोग इस मुहावरे का का अर्थ कुछ और ही लगाते हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि ना तो तुम इस पक्ष से हो और ना ही तुम उस पक्ष से हो (तीन में न तेरह में) फिर क्यों इस विषय में दखल दे रहे हो।आइए आज अपन पूरा मुहावरा पढ़ते हैं और इस मुहावरे के पीछे की कहानी भी पढ़ते हैं। 

मुहावरा: तीन में न तेरह में.., के बाद क्या आता है

भारत में अपनी बातों को समझाने के लिए कई प्रकार के मुहावरों का प्रयोग किया जाता है। तीन में न तेरह में, एक ऐसा मुहावरा है जो भारत में सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाले मुहावरों में से एक है लेकिन क्या आप जानते हैं (तीन में न तेरह में) पूरा मुहावरा नहीं है बल्कि पूरे मुहावरे में इसी प्रकार के 2 वाक्य और भी आते हैं। पूरा मुहावरा इस प्रकार है:- 'तीन में न तेरह में, न सेर भर सुतली में, न करवा भर राई में 

तीन में न तेरह में मुहावरे की उत्पत्ति की कहानी

एक बेहद धनवान व्यक्ति अपने नगर की एक तवायफ पर मोहित हो गया था। रोज उसका मुजरा देखने के लिए जाता था और उसे उपहार में काफी धन, रत्न एवं आभूषण दिया करता था। एक भी दिन ऐसा नहीं जाता था जब उस धनवान व्यक्ति की ओर से तवायफ को कोई उपहार ना मिलता हो। एक दिन उस धनवान व्यक्ति को नगर से बाहर जाना था। उसने अपने निजी सचिव को एक काफी महंगा सोने का हार देते हुए कहा कि, कल मेरी अनुपस्थिति में तुम चले जाना और उसे कहना कि यह उपहार उसे सबसे ज्यादा चाहने वाले व्यक्ति ने भेजा है। 

आदेश अनुसार निजी सचिव तवायफ के पास पहुंचा और सोने का हार देते हुए कहा कि यह उपहार आपको आपके सबसे ज्यादा चाहने वाले व्यक्ति ने भेजा है। तवायफ ने कंफर्म करने के लिए सबसे पहले तीन नाम लिए तीनों में उस धनवान व्यक्ति का नाम नहीं था। फिर तवायफ ने 10 नाम और बताए लेकिन इसमें भी धनवान व्यक्ति का नाम नहीं था। निजी सचिव तवायफ से सोने का हार वापस वापस लेकर चला आया। 

दूसरे दिन जब धनवान व्यक्ति यात्रा से लौट कर आया और पूछा कि क्या तुमने तवायफ को मेरा उपहार मेरे मैसेज के साथ दे दिया। तब उसके निजी सचिव ने उसे बताया कि सेठ जी आप, तीन में न तेरह में, न सेर भर सुतली में, न करवा भर राई में। 

तीन में न तेरह में का अर्थ है कि 

आपकी स्थिति ना तो टॉप 3 में है और ना ही टॉप 13 में है। 

न सेर भर सुतली में का अर्थ

सेर प्राचीन काल में वजन की एक मात्रा है। यह 1 किलो से थोड़ा कम यानी 933 ग्राम होता है। 933 ग्राम में काफी सारी सुतली आ जाती है। इसका तात्पर्य हुआ कि आपकी स्थिति तो भारी भीड़ में भी नहीं है। 

न करवा भर राई में का अर्थ 

राई तो आप जानते ही हैं और छोटा सा एक दाना होता है और करवा भी आप पहचानते होंगे। एक पात्र, वर्तमान में जिसका उपयोग करवा चौथ की रात किया जाता है। इस प्रकार न करवा भर राई में का अर्थ हुआ। एक करवा में जितने राई के दाने (हजारों या शायद लाखों) आते हैं, आप की स्थिति उनमें से भी एक की नहीं है। 

कुल मिलाकर जिसके प्रति आप इतने ज्यादा आसक्त हुए जा रहे हैं वह व्यक्ति अपने जीवन में आपको कोई महत्व नहीं देता। ✔ इसी प्रकार की जानकारियों और समाचार के लिए कृपया यहां क्लिक करके हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें एवं यहां क्लिक करके हमारा टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करें। क्योंकि भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल पर कुछ स्पेशल भी होता है। यहां क्लिक करके व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन कर सकते हैं
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