EWS शिक्षक भर्ती के लिए ट्राइबल वाले ईमानदार लेकिन DPI बेईमान, गजब है- MP NEWS

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Madhya Pradesh teachers Recruitment counselling news

भोपाल। भारतीय ईडब्ल्यूएस संघ ने लोक शिक्षण संचालनालय पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में EWS कैंडिडेट्स के साथ बेईमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग ने नियमों का पालन किया और EWS को उसका अधिकार दिया परंतु लोक शिक्षण संचालनालय ने धोखेबाजी की। रिक्त पद दिखाकर गायब कर दिए। भर्ती के सेकंड राउंड को नई भर्ती का नाम दे रहे हैं। सवाल यह है कि, पुरानी परीक्षा के रिजल्ट पर नई भर्ती कैसे हो सकती है।

MP EWS शिक्षक भर्ती को लेकर विधानसभा में गलत जानकारी दी गई

कोतमा विधायक श्री सुनील सराफ ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से 'उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 की प्रथम चरण के अकारण ही रिक्त रखे गए पदों की पूर्ति कब होगी, यह जानकारी चाही थी इस पर श्री परमार ने सदन पर यह जानकारी दी कि वह भर्ती पूर्ण हो गई है। इस प्रकार शिक्षा विभाग ने इस भर्ती पर जम्पिंग रूल लगा दिया है और बीच के पदों को छोड़कर सीधा आखरी बचे पदों पर छलांग लगा दी हैं।

सेकंड काउंसलिंग के 2750 शेष पदों को नवीन पद कहा जा रहा है

द्वितीय काउंसलिंग के अंतर्गत विभाग 2750 पदों पर नियुक्ति कर रहा है। इन पदों को नवीन पद कहा गया है, जिससे 10 प्रतिशत के हिसाब से EWS वर्ग के पास सिर्फ 275 पद ही आएंगे। जबकि विभाग प्रथम काउंसलिंग के बाद रिक्त रहे 5935 पदों पर भर्ती करता तो EWS वर्ग के 1039 पदों पर नियुक्ति होती, जिससे अधिक अभ्यर्थियों को फायदा होगा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जनजातीय कार्य विभाग ने द्वितीय काउंसलिंग में प्रथम चरण में शेष रह गए पदों पर ही पदपूर्ति की, मतलब प्रथम काउंसलिंग के बाद EWS वर्ग के जो पद रिक्त रह गए उन पर भर्ती की, लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा ऐसा ना कर दोहरे मापदंड को अपनाया जा है।

सीएम शिवराज सिंह ने कहा था, EWS वर्ग को भी पूरा न्याय मिलेगा

छिंदवाड़ा के सौंसर में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था EWS वर्ग के अभ्यर्थियों ने मुझे आवेदन दिया है चिंता मत करना, उनको भी पूरा न्याय मिलेगा, पर इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से EWS वर्ग के अभ्यर्थी अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर अब तक राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा, विधायक आशीष गोविंद शर्मा, आलोक चतुर्वेदी, भूपेंद्र मरावी, गोपीलाल जाटव, राकेशगिरी गोस्वामी, दिनेशराय मुनमुन भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।

विभाग के तर्कों पर EWS संघ का जवाब

भारतीय ईडब्ल्यूएस संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज तिवारी ने कहा कि यदि नए पदों पर भर्ती हो रही है तो पूरी प्रक्रिया जैसे विज्ञापन जारी होना, लिखित परीक्षा होना, यह सब किया जाना चाहिए था। एक तरफ आप पुरानी परीक्षा के आधार पर भर्ती कर रहे हो और दूसरी ओर नए पद बता रहे हो यह गलत है। विभाग की ओर से एक तर्क यह भी दिया जा रहा है कि जीएडी के नियमानुसार EWS वर्ग के बैकलाग के पदों को कैरीफारवर्ड नहीं किया जाता। इस पर धीरज तिवारी ने कहा कि जीएडी के नियम सभी विभागों के लिए एक समान होंगे। जनजातीय कार्यविभाग ने प्रथम चरण के बचें पदो पर नियुक्ति की, लोक शिक्षण संचालनालय को बताना चाहिए कि ये कैसे हुआ। 

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