MP NEWS- थाने में लोकायुक्त टीम और पुलिस के बीच मारपीट, महिला इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल गायब

सागर
। पन्ना जिले में देवेंद्र नगर थाने से मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी खबर आ रही है। यहां पर रिश्वत पकड़ने आई लोकायुक्त की टीम को थाना पुलिस ने थाने के भीतर घेर लिया। लोकायुक्त डीएसपी राकेश खड़के, इंस्पेक्टर मंजू सिह, कांस्टेबल आशुतोष व्यास सहित अन्य के साथ मारपीट कर दी गई। घटना के बाद थाने की महिला इंस्पेक्टर एवं आरोपी ज्योति सिंह सिकरवार, हेड कांस्टेबल अमर सिंह के साथ फरार हो गई। थाना पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया है कि लोकायुक्त की टीम ने पुलिस वालों के साथ मारपीट की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेंद्र नगर के ग्राम दमन टोला में विगत दिवस गोली चलने की घटना घटित हुई थी। जिसमें 3 लोग घायल हुए थे, आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में विजय यादव को भी नामजद किया गया था। लोकायुक्त पुलिस को दी शिकायत में विजय यादव ने बताया कि वह घटना में शामिल नहीं था। जब उसने पुलिस को यह बात बताई तो थाना प्रभारी ज्योति सिंह सिकरवार और हेड कांस्टेबल अमर सिंह द्वारा एक लाख रुपए की मांग की गई।

लोकायुक्त टीम ने कंप्लेंट की वेरिफिकेशन प्रोसीजर के तहत फिर से बात कराई। ऑडियो रिकॉर्ड की गई। इस बार ₹50000 में सौदा तय हुआ। लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई की रणनीति बनाई। रविवार को लोकायुक्त सागर की टीम ने पहुंचकर जैसे ही पन्ना थाना के देवेंद्र नगर थाना प्रभारी ज्योति सिंह सिकरवार और हवलदार अमर सिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उनके निवास से गिरफ्तार किया।

बताया गया है कि लिखा पढ़ी करने के लिए लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इंस्पेक्टर ज्योति सिंह सिकरवार को उनके पुलिस थाने चलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने जाने से इंकार कर दिया और लोकायुक्त की टीम से अभद्र व्यवहार किया। बदले में लोकायुक्त टीम में मौजूद इंस्पेक्टर मंजू सिंह ने उन्हें चांटा मार दिया और थाने ले आए।

देवेंद्र नगर थाने में पुलिस स्टाफ ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योति सिंह सिकरवार के समर्थन में लोकायुक्त की टीम को घेर लिया। दोनों पार्टियों के बीच में मारपीट शुरू हो गई। देवेंद्र नगर पुलिस द्वारा लोकायुक्त डीएसपी राकेश खड़के, निरीक्षक मंजू सिह, आरक्षक आशुतोष व्यास सहित अन्य के साथ मारपीट कर दी गई और घटना के बाद थाना प्रभारी ज्योति सिंह सिकरवार भी वहां से फरार हो गई। इस विवाद के दौरान प्रधान आरक्षक अमर सिंह मौके से फरार हो गया।