CM Sir, आरटीओ की मां के लिए आपका मन व्यथित नहीं होता क्या - Khula Khat

शिवराज सिंह जी
, इसमें कोई दो राय नहीं कि आप एक संवेदनशील नागरिक हैं और सामाजिक ताने-बाने को महत्व देते हैं। आज आपने बताया कि एक उपद्रवी ने अपशब्द कहे तो आपका मन कितना व्यथित हो गया था। उपद्रवी को जेल में डाल दिया गया। प्रश्न सिर्फ इतना सा है कि बालाघाट आरटीओ की मां के लिए आपका मन व्यथित नहीं होता क्या। 

अपशब्द सुनकर आपका मन व्यथित हो गया था

पिछले दिनों भोपाल में करणी सेना परिवार के प्रदर्शन के दौरान एक उपद्रवी ने नारेबाजी के दौरान अपशब्द कहे। पिपलानी पुलिस ने मामला दर्ज किया। ओकेंद्र सिंह को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया, हालांकि इस मामले में किसी भी जांच की जरूरत नहीं है। वायरल हुए वीडियो की फॉरेंसिक जांच काफी है लेकिन फिर भी पुलिस ने न्यायालय से उसे 5 दिन की रिमांड पर मांग लिया। पुलिस ने जो किया सही किया। ऐसा ही करना चाहिए। मध्यप्रदेश के कारावास में ऐसे लोग संसदीय भाषा और मर्यादा सीख जाएंगे। आज आपने इस मामले में बयान दिया और बताया कि आपकी माता जी का देहांत आपके बचपन में हो गया था और अपशब्द सुनकर आपका मन व्यथित हो गया था। 

यह वीडियो भी वायरल हो गया है 

बड़ी विनम्रता पूर्वक आपको याद दिलाना है कि MP के पूर्व मंत्री, वरिष्ठ भाजपा विधायक और मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन ने सबके सामने बालाघाट आरटीओ को मां की गाली दी है। प्रकरण बिल्कुल वैसा ही है। यह वीडियो भी वायरल हो गया है लेकिन दुख की बात है कि अब तक ना तो आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है और ना ही सरकार एवं संगठन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई प्रचलन में है। यहां तक कि जवाब भी नहीं मांगा गया है। 

मां तो मां होती है, सब की मां का सम्मान होता है

मैं भी मानता हूं कि परिवहन विभाग के अधिकारी ईमानदार नहीं होते। लोगों को परेशान करते हैं और कुछ अधिकारी रिश्वत के बदले आम नागरिकों की जान जोखिम में डाल देते हैं लेकिन मां तो मां होती है। सब की मां का सम्मान होता है। प्रश्न तो उपस्थित होता है कि क्या बालाघाट आरटीओ की मां के लिए आपका मन व्यथित नहीं होता। ✒ उमाकांत कश्यप 

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