MP PSC-PEB उम्मीदवार बिना अनुमति भोपाल में घुसे, पुलिस ने पीटा, खुली जेल में कैद

भोपाल
। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले इंदौर से पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुंचा भर्ती सत्याग्रह पुलिस कार्रवाई का शिकार हो गया। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को पुलिस ने विद्यार्थियों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस प्रदर्शन के पीछे इंदौर के कुछ कोचिंग संचालक और कांग्रेस पार्टी के नेताओं के गठबंधन काम कर रहा है, पुलिस ने भोपाल की नाकाबंदी करके सब को रोक दिया था। 

शांति भंग कर रहे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया

भोपाल पुलिस ने भौंरी, बदला चौराहा और लालघाटी समेत भोपाल शहर के चारों तरफ बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों के भोपाल शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। लालघाटी पर सबसे ज्यादा संख्या में छात्र नजर आए। वह सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करके सब को तितर-बितर कर दिया और शांति भंग कर रहे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके साथ शामिल NSUI के अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और NSUI के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कर गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन प्रदर्शनकारियों ने इंदौर से पैदल मार्च शुरू किया था। इससे पहले मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने एमपीपीएससी का रिजल्ट घोषित करने की मांग की थी। प्रदर्शन का असर हुआ था और आयोग दबाव में नजर आ रहा था।

पुलिस ने परमिशन क्यों नहीं दी

भोपाल पुलिस ऑफिशल्स ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दिनांक 9 अक्टूबर 2022 को शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी परंतु शरद पूर्णिमा होने के कारण उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना है कि पैदल मार्च के अलावा कुछ असामाजिक तत्व अपने निजी वाहनों से भोपाल में घुस आए थे। पता चलने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ की जा रही है। 

इधर पुलिस कार्रवाई से नाराज NSUI ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के सामने विरोध प्रदर्शन किया। सांकेतिक रूप से गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को चिनार पार्क में पुलिस अभिरक्षा में बिठाया गया है। सूर्यास्त के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। 

भर्ती सत्याग्रह प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है

  • ओबीसी आरक्षण केस की नियमित सुनवाई शुरू हो और जल्द से जल्द निर्णय के लिए प्रयास किए जाए।
  • मध्य प्रदेश पीएससी की 2019 के परिणाम शीघ्र घेषित कर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इसी तरह राज्य सेवा 2020 मुख्य परीक्षा और 2021 प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाएं।
  • राज्य वन सेवा 2019, 2020 और 2021, राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा अतिशीघ्र पूर्ण की जाए।
  • एमपी पीएससी 2022 की सभी परीक्षाओं के नोटिफिकेशन अतिशीघ्र घोषित किए जाएं।
  • पीईबी द्वारा सभी बैकलॉग पदों सहित आगामी भर्ती परीक्षा कैलेण्डर जारी किया जाए।
  • प्रदेश के बिजली, स्वास्थ्य, पुलिस, एनआरएचएम के खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाए।
  • शिक्षक भर्ती वर्ग-1 और वर्ग-2 में पदों की वृद्धि कर द्वितीय काउंसलिंग शुरू की जाए।
  • एमपीटीईटी वर्ग 3 में पदों की संख्या 51 हजार की जाए।
  • एमपी ककांस्टेबल की 15 प्रतिशत वेटिंग के साथ मेरिट लिस्ट अतिशीघ्र जारी की जाए।
  • बढ़ाई गई सेवानिवृत्ति आयु को कम कर 58 वर्ष किया जाए।
  • संविदा नियुक्ति पर पूर्ण रोक लगे, जिससे युवा को स्थायी रोजगार के अवसर बड़ सकें।
  • वेतन में 70, 80, 90 प्रतिशत का प्रावधान खत्म करके, पूर्व वेतन दिया जाए।
  • असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां निकाली जाएं।
  • MPPEB परीक्षाओं में नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया खत्म की जाए।
  • पीईबी की किसी भी भर्ती में सिलेबस का प्रारूप रिवाइज किया जाए। जैसा पीएससी में है। इसमें एमपी से जुड़े सवालों को बढ़ाया जाए।
  • एमपी के युवाओं को नौकरी देने के सीएम शिवराज के 2020 के बयान पर आवश्यक कानूनी प्रावधान तैयार कर लागू किया जाए।