मैं लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रचार करूंगा: सांसद केपी सिंह यादव- MP NEWS

भोपाल
। लोकसभा चुनाव 2019 में भारत की सबसे ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले गुना शिवपुरी लोकसभा सीट से सांसद केपी सिंह यादव का कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में यदि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को टिकट देती है तो मैं एक भाजपा कार्यकर्ता के नाते उनका प्रचार करूंगा। उल्लेखनीय है कि 2019 के चुनाव में केपी सिंह यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव हराया था। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की समिति में मप्र के एकमात्र सदस्य सांसद केपी यादव भोपाल में एम्स का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, हम पहले भाजपा के कार्यकर्ता हैं। ये हमारे शीर्ष नेतृत्व के ऊपर निर्भर करता है कि वो किसको क्या जिम्मेदारी दें। जो भी दायित्व हम लोगों को मिलेगा चाहे वो सिंधिया जी हों या मैं हूं या अन्य कोई नेता हो। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी हम उस दायित्व को निभाने का प्रयास करेंगे। हमारे लिए देश सबसे पहले है, उसके बाद पार्टी है, उसके बाद हमारा नंबर आता है। 

उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा चुनाव 2023 में पार्टी ने गुना लोकसभा सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया को टिकट दिया तो वह स्वयं सिंधिया का प्रचार करेंगे। श्री केपी सिंह यादव ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करता है और मैं भी भाजपा का कार्यकर्ता हूं। पार्टी मुझे जहां जिस चुनाव में भेजेगी। जिस चुनाव में मेरी ड़्यूटी लगती है मैं वहां जाता हूं। अभी हो सकता है कि मुझे गुजरात भेजा जाए मैं वहां भी काम करूंगा। मप्र में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पार्टी का काम करता आया हूं और करता रहूंगा।

केपी सिंह यादव ने सिंधिया को चुनाव हराया था या तुक्का लग गया था 

सांसद श्री केपी सिंह यादव का बयान काफी प्रभावशाली लगता है। शब्दों से प्रतीत होता है कि श्री यादव पार्टी के प्रति 100% निष्ठावान कार्यकर्ता है परंतु उनका अतीत इसकी गवाही नहीं देता। श्री यादव मुंगावली विधानसभा से टिकट चाहते थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने टिकट नहीं दिया तो बागी होकर भाजपा में शामिल हो गए थे। पार्टी ने विधानसभा में तो टिकट नहीं दिया परंतु लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने उतार दिया। 

गुना और शिवपुरी की पब्लिक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों से काफी नाराज थी। इसलिए भारी मात्रा में नेगेटिव वोटिंग हुई जिसके परिणाम स्वरूप श्री यादव लोकसभा चुनाव जीत गए। सच्चाई तो यह है कि श्री यादव गुना शिवपुरी लोकसभा के सभी बूथों पर अपना पोलिंग एजेंट तक नियुक्त नहीं कर पाए थे।