CM RISE स्कूल में एक और महिला शिक्षक की पोस्टिंग हाई कोर्ट द्वारा स्थगित- MP karmchari news

जबलपुर
। मध्य प्रदेश के सीएम राइज स्कूलों में शुरुआती दिनों में पदस्थापना के लिए शिक्षकों के बीच प्रतिस्पर्धा देखी जा रही थी और अब अपनी पोस्टिंग रद्द कराने के लिए वहीं शिक्षक हाईकोर्ट की शरण में है। एक और महिला शिक्षक की पोस्टिंग हाई कोर्ट द्वारा स्थगित की गई है। डीपीआई कमिश्नर को निर्देशित किया गया है कि वह महिला शिक्षक के अभ्यावेदन का नियमानुसार निराकरण करें।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका श्रद्धा शुक्ला विरुद्ध शासन में माननीय उच्च न्यायालय के न्यायधीश श्री एमएस भट्टी न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश दिनांक 25/6/2022 पर रोक लगा दी है एवं आवेदिका को उसके पूर्व संस्थान में कार्य करने का आदेशित  पारित किया है। 

प्रकरण में आवेदिका का पक्ष एडवोकेट सत्येंद्र ज्योतिषी ने न्यायालय के समक्ष रखते हुए बताया कि आवेदिका उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर शासकीय कमला नेहरू उच्च माध्यमिक विद्यालय जबलपुर में कार्यरत थी। आवेदिका का स्थानांतरण / पद स्थापना  दिनांक 26/5/2022 को सीएम राइस स्कूल शासकीय उच्चतर माध्यमिक बरेला में उप प्राचार्य के पद पर हो गया था। 

आवेदिका का चयन उप प्राचार्य पद सीएम राइस स्कूल के लिए हुआ था। प्राथमिकता के आधार पर जिन स्कूलों को चॉइस फिलिंग की थी। उस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। आवेदिका का नियम विरुद्ध तरीके से विगत तीन महीना पहले स्थानांतरण हुआ था जिसके विरुद्ध उसने ने आयुक्त लोक शिक्षण संचनालय भोपाल को एक लिखित अभ्यावेदन भी दिया था। जिसमें महिला आवेदक ने मांग की थी कि उसका नियम विरुद्ध स्थानांतरण पदस्थापना आदेश पर रोक लगाई जाए एवं उसे पूर्व की संस्था में कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाए। 

माननीय उच्च न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्थानांतरण पदस्थापना आदेश पर रोक लगाते हुए आवेदिका की पूर्व संस्था शासकीय कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जबलपुर में कार्य करते रहने का आदेश पारित किया है एवं माननीय न्यायालय के पूर्व में दिए गए आदेश विनीता श्रीवास्तव विरुद्ध शासन के समान याचिका के पक्ष में आदेश पारित करते हुए उक्त याचिका को संलग्न कर दिया है तथा आयुक्त उच्च शिक्षण संचनालय को आदेशित किया है की आ वेदिका  के द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर नियम अनुसार विचार करें, आवेदिका का पक्ष न्यायालय के सामने अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी एवं सौरभ सोनी ने पक्ष रखा।