मध्य प्रदेश पदोन्नति नियम 2022- विधि विभाग के सुझाव और कुछ अन्य खास बातें

भोपाल
। सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय एवं विधि विभाग मध्य प्रदेश शासन के अधिकारियों ने मिलकर मध्य प्रदेश पदोन्नति नियम 2022 तैयार किया है। विधि विभाग के सुझाव पर हर साल 1 जनवरी को पदों की गणना। शासन स्तर पर निगरानी के अलावा कुछ अन्य फीचर्स भी जोड़े गए हैं। आइए पढ़ते हैं विधि विभाग के सुझाव के बाद तैयार हुए मध्य प्रदेश पदोन्नति नियम 2022 के ट्रस्ट की खास बातें:- 

मध्य प्रदेश पदोन्नति नियम 2022 के ट्रस्ट की खास बातें

  • अनुसूचित जनजाति को 20 और अनुसूचित जाति को 16% प्रमोशन में आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
  • पदोन्नति के लिए रिक्त पदों को सबसे पहले आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों से भरा जाएगा। फिर चाहे आरक्षित वर्ग के कर्मचारी जूनियर ही क्यों ना हो। यानी यदि 100 पदों पर प्रमोशन किया जाना है तो सबसे पहले 36 पदों पर आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नत किया जाएगा। 
  • 100 में से बचे हुए 64 पदों पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का निर्णय होगा। यानी यदि आरक्षित जाति का कोई अधिकारी कर्मचारी सीनियरिटी की श्रेणी में आता है तो उसे बचे हुए 64 पदों में से प्रमोशन दिया जाएगा। 
कुल मिलाकर आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिलेगा और आरक्षित वर्ग के सीनियर कर्मचारी सामान्य पदों पर वरिष्ठता का लाभ प्राप्त करेंगे। यानी डबल मुनाफा होगा।

  • क्लास 3 से क्लास-3 (ग्रेड-1, ग्रेड-2 और ग्रेड-3) के लिए 5 साल की ग्रेडिंग के 12 अंक होना जरूरी है। क्लास-2 के लिए 14 और क्लॉस-1 के लिए 15 अंक होना जरूरी होगा।
  • मेरिट कम सीनियरिटी के अनुसार पदोन्नति में मेरिट गोपनीय चरित्रावली (सीआर) के अंकों को आधार माना जाएगा। मेरिट की पांच श्रेणियां रहेंगी। पहली क+ के 4 अंक यानी 5 साल के 20 अंक हुए। क के 3 यानी पांच साल के 15 अंक। ख के 2 अंक यानी पांच साल के 10 अंक और ग का 1 अंक यानी 5 साल के 5 अंक। घ के 0 अंक यानी फिसड्‌डी। इसमें पहले प्रमोशन पदों के मुताबिक मेरिट के अनुसार होंगे। पहले 20 अंक, 15 अंक, 10 अंक और 0 अंक होंगे।
  • मेरिट तय करने के लिए क्लास-3 के पदों की मेरिट में पहले चरण में सेक्शन ऑफिसर कर्मचारी की सीआर लिखेगा, उसका परीक्षण अंडर सेक्रेटरी करेगा और स्वीकृति डिप्टी सेक्रेटरी देगा। इसी तरह क्लास-2 के मामलों में सीआर का मामला अपर मुख्य सचिव तक जाएगा। क्लास-1 के पदों पर सीआर की स्वीकृति मुख्य सचिव स्तर पर होगी।
  • क्लास-1 और क्लास-2 के पदों पर पदोन्नति के मामले में यदि दो अफसरों के मेरिट में अंक समान है तो उसमें वरिष्ठता देखी जाएगी। पहले वरिष्ठ कर्मचारी को प्रमोशन दिया जाएगा।