कलेक्टर हो तो ऐसा, लाचार बनकर आया कर्मचारी सर पर वॉकर लेकर भागा- MP NEWS

जबलपुर
। कलेक्टर के पद पर बैठा अधिकारी सेंसिटिव होना चाहिए परंतु इतना सीधा और सरल भी नहीं होना चाहिए कोई भी उसकी सेंसटिविटी का फायदा उठा ले। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं जबलपुर के कलेक्टर इलैयाराजा टी ने यह साबित कर दिया कि वह सेंसेटिव हैं परंतु उनके लॉजिक और इंफॉर्मेशन नेटवर्क काफी स्ट्रांग है। इसलिए कोई उनकी सेंसटिविटी का फायदा नहीं उठा सकता। 

नागरिक आपूर्ति निगम में असिस्टेंट के पद पर पदस्थ जेपी मिश्रा, वॉकर की सहायता से बड़ी मुश्किल से पैदल चलते हुए कलेक्टर के पास तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मैं एक लाचार कर्मचारी हूं। ठीक प्रकार से अपने पैरों पर चल भी नहीं सकता। वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रांसफर कर दिया है, कृपया निरस्त करवा दीजिए। अपनी आदत के अनुसार कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने कर्मचारी से आवेदन लिया और पढ़ना शुरू किया। ट्रांसफर आर्डर जून महीने का है। अगस्त महीने के अंतिम दिनों तक ना तो उन्हें रिलीव किया गया और ना ही उन्होंने नवीन पदस्थापना पर उपस्थिति दर्ज कराई। कलेक्टर ने जैसे ही यह देखा कि आवेदक नरसिंहपुर जिले में पदस्थ है, जबकि उसको जबलपुर के पाटन में अटैच करके रखा गया है। यानी कर्मचारी पहले से ही अपने घर से 100 किलोमीटर दूर काम कर रहा है, और शायद डेली अप डाउन भी कर रहा है। 

कलेक्टर ने सबसे पहले उसके अधिकारी डीएम-नान को ट्रांसफर आर्डर के पालन में कर्मचारी को रिलीव ना करने के लिए फटकार लगाई और फिर जेपी मिश्रा से बात शुरू की। उन्होंने पूछा रिलीव कर दिए गए हो या नहीं। अगर रिलीव हो चुके हो तो दो महीने से क्या कर रहे हो? शासन के आदेश की अवहेलना करते हो। रुको, तुमको अभी सस्पेंड कराता हूं। कलेक्टर यह रूप देख कर वॉकर के सहारे पैर घसीटते हुए आए जेपी मिश्रा जी हाथ में वॉकर लेकर तेजी से कलेक्टर कार्यालय के बाहर निकल गए। 

कलेक्टर कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि पाटन में कार्यरत इस कर्मचारी की लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसलिए इसका ट्रांसफर कर दिया गया था। किसी ने बताया कि कलेक्टर बहुत संवेदनशील है। उनकी संवेदनशीलता का फायदा उठा लो। इसलिए मिश्रा जी वॉकर लेकर चले आए थे।