CEDMAP घोटाला- ट्रेनिंग फैकल्टी बर्खास्त, एक करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी - BHOPAL NEWS

Center for Entrepreneurship Development Madhya Pradesh (उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश) द्वारा ट्रेनिंग फैकल्टी और नोडल अधिकारी शरद कुमार मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया है। उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को मामले की जानकारी सौंप दी गई है। आरोप है कि शरद मिश्रा ने मप्सेट प्रोजेक्ट में मिला एडवांस पैसा हजम कर लिया। जो खर्चा किया उसमें बिल बढ़ाकर लगाए और बाकी बजट का तो बिल भी नहीं लगाया। 

उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश द्वारा की गई इंटरनल इंक्वायरी में शरद मिश्रा को। भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। मप्सेट प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन के लिए उन्हें 1.30 करोड रुपए से ज्यादा की रकम दी गई थी जिसमें से 1.11 करोड रुपए के खर्चे में गड़बड़ी है। रिकॉर्ड में खर्चे के बिल ही नहीं है। कुछ बिल ऑडिट के दौरान गलत पाए गए। बताया गया है कि यह गड़बड़ी सन 2019 से लेकर सन 2021 के बीच में हुई। 

उद्यमिता विकास केंद्र की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुराधा सिंघई का कहना है कि ऑडिट के दौरान शरद मिश्रा द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। इसके बाद स्पेशल ऑडिट करवाया गया जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। शरद मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया है और घोटाले की रकम वापस जमा कराने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। 

यह नोट करना जरूरी है कि शासकीय संस्थाओं में वार्षिक ऑडिट का प्रावधान है। आश्चर्यजनक बात है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुआ घोटाला ऑडिट वर्ष 2021 में नहीं पकड़ा गया बल्कि 2022 में पकड़ा गया।