गुना में हुई सरकारी बैठक, विदिशा से आया नाश्ता, दुकानदार को पता ही नहीं- MP NEWS

भोपाल
। स्वास्थ्य विभाग गुना में बड़ा ही चटपटा भ्रष्टाचार सामने आया है। आरोग्यम केंद्र मगरोड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक में विदिशा की एक दुकान से नाश्ता मंगवाया गया। मसालेदार खबर यह है कि फाइल में जिस दुकानदार का बिल लगा हुआ है उसे इसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीती खातरकर दोषी पाई गई हैं। 

आरोग्यम केंद्र मगरोड़ा में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीती खातरकर ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए विदिशा स्थित नीमताल गांधी चौक रामजी किराना स्टोर्स से 990 रुपये के बिस्किट, नमकीन, डिस्पोजल प्लेट सहित अन्य सामग्री मंगाई थी। पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किया तो महिला अधिकारी ने कहा कि उन्हें गुना का नाश्ता पसंद नहीं है। यह जवाब चौंकाने वाला था, क्योंकि बिल में जो सामग्री (बिस्कुट और नमकीन) दर्ज है, वह कंपनी पूरे मध्यप्रदेश में सप्लाई करती है। 

पत्रकारों ने विदिशा में रामजी किराना के संचालक दीवान मंगतानी से संपर्क किया, तो उन्होंने आश्चर्य जताते हुए बताया कि हमारे यहां से गुना के किसी विभाग या अधिकारी के लिए कभी सामान और बिल ही जारी नहीं हुआ। पत्रकारों ने जब इस मामले में कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए से सवाल किए तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए। 

सीएमएचओ ने बमोरी बीएमओ डा. शैलेंद्र गिरी गोस्वामी को मामले की जांच सौंपी। एक महीने तक चली जांच में सामने आया कि मगरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति खातरकर दोषी हैं। फर्जी बिल विदिशा के किराना स्टोर के लगाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति खातरकर भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग और दस्तावेजों की कूट रचना की दोषी पाई गई हैं। समाचार लिखे जाने तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।