JABALPUR NEWS- शिवराज सिंह बुलडोजर लाओ, यह वीडियो जिसने देखा वह यही कह रहा है

जबलपुर
। मध्यप्रदेश में सरकार ने कई माफियाओं के घर बुलडोजर चलाया। किसी ने समर्थन किया और किसी ने निंदा लेकिन पब्लिक से डिमांड आज तक नहीं आई थी। पहली बार लोग सोशल मीडिया पर डिमांड कर रहे हैं। लोग इस महिला की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं है। इसके लिए सख्त सजा मांग रहे हैं। कम से कम बुलडोजर तो चलना ही चाहिए। 

जबलपुर वाली आया था वीडियो देखकर कोई शांत नहीं रह पा रहा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला मासूम बच्चे को बेरहमी से पीट हुई दिखाई दे रही है। यहां तक कि एक बार बच्चे का गला भी दबाया। इस वीडियो को देखकर कोई भी अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पा रहा है। सोशल मीडिया पर इस महिला की कड़ी निंदा की जा रही है। पुलिस ने इस महिला को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट ने जेल भेज दिया परंतु लोगों का कहना है कि इतना काफी नहीं है। इसके घर भी बुलडोजर चलाया जाना चाहिए। 

पति इंजीनियर पत्नी न्यायालय में कर्मचारी, उनकी संतान के साथ हुई निर्ममता

माढ़ोताल थाना प्रभारी रीना पांडे ने बताया कि स्टार सिटी फेस-4 करमेता में रहने वाले मुकेश विश्वकर्मा बिजली विभाग में कनिष्ठ अभियंता हैं। उनकी पत्नी भी जिला न्यायालय में सेवारत हैं। उनका दो साल का एक बेटा मानविक है। मुकेश के पिता लकवाग्रस्त और बहन मनोरोगी है। उन दोनों की देखभाल उसकी मां करती हैं, इसलिए वे बच्चे की ठीक से देखभाल नहीं कर पाती थी। लिहाजा मुकेेश विश्वकर्मा ने बच्चे की देखभाल के लिए उसने चमन नगर माढ़ोताल निवासी रजनी चौधरी नामक महिला को आया के रूप में काम पर रखा था। 

प्रताड़ना के कारण 2 साल का मासूम डिप्रेशन में चला गया था

रजनी को इस काम की एवज में 5000 रुपये महीने दिए जाते थे। बीते एक महीने से मुकेश की मां गोटेगांव के पास स्थित पिपरिया-नोन गई हुई हैं। सुबह 10 बजे से शाम को विश्वकर्मा दम्पति के लौटने तक घर में रजनी का एकछत्र राज रहा। मुकेश के मुताबिक इस दौरान रजनी ने उसके दो साल के बेटे को जबर्दस्त तरीके से प्रताड़ित किया। उसके साथ बेरहमी पूर्वक मारपीट की गई। उसका गला दबाकर धमकाया गया। उसके हिस्से की खाद्य सामग्री भी रजनी ही चट कर जाती। ऐसी अमानवीय यातना के चलते दो साल का मानविक अवसाद ग्रस्त और बीमार होने लगा। 

खुलासा होने के बाद आया को सिर्फ नौकरी से निकाला था

मानविक के दिलोदिमाग पर रजनी का खौफ ऐसा रहा कि उसने कभी मुकेश से इस बारे में कुछ नहीं बताया। डाक्टरों को दिखाने पर पता चला कि मानविक की आंतों में संक्रमण है। इसके बाद संदेह होने पर जब मुकेश ने घर में लगे सीसीटीवी फुटेजों काे खंगाला, तब कहीं जाकर आया रजनी के अत्याचारों का उनको पता चल पाया। इस घटना के बाद तत्काल उन्होंने रजनी को काम से निकाल दिया और उसकी जगह दूसरी आया को काम पर रख लिया।

परिवार वालों को SCST Act की धमकी देने लगी

रजनी अनुसूचित जाति वर्ग से आती थी। इसी का लाभ उठाते हुए उसने मुकेश के परिवार पर काम में वापस रखने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब मुकेश ने मना किया तो वो उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। 

इतने के बाद न चाहते हुए भी मुकेश ने सीसीटीवी फुटेज सहित माढ़ोताल थाने पहुंच कर रजनी के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस ने हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी सहित बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम की धारा 75 के तहत रजनी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। रजनी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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