MP NEWS- चुनाव से पहले मुख्यमंत्री की गाइडलाइन, पब्लिक नाराज तो अधिकारी सस्पेंड

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश के तमाम पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए चुनाव से पहले सरकार की स्पेशल गाइडलाइन बता दी। स्पष्ट कर दिया है कि जनता को पुलिस और प्रशासन की तरफ से परेशानी नहीं आनी चाहिए। यदि पब्लिक नाराज हुई तो अधिकारी अपनी कुर्सी पर नहीं बचेगा। इससे पहले ग्वालियर आईजी, 4 जिलों के एसपी और 3 जिलों के कलेक्टर बदल दिए।

मध्य प्रदेश पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश

सीएम हेल्पलाइन का बेहतर प्रयोग करें। सूचनाओं के माध्यमों से जनता तक शासन की विभिन्न योजनाओं के कार्यक्रमों से अवगत कराएं। पेयजल के मामले में ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, पीएचई, सिंचाई विभाग और ऊर्जा विभाग आपस में समन्वय बनाकर भोपाल से चौपाल तक एक टीम के रूप में काम करें। 

कानून व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है कानून व्यवस्था। पुलिस का कार्य है कि सभी नागरिकों के लिए शांति से जीने की व्यवस्था करें। अपराधियों को नेस्तनाबूद किया जाए । शिकार करने वालों अवैध शराब का कारोबार करने वालों को क्रश किया जाए।

हमेशा क्विक एक्शन हो। अपराधों को रोकने की व्यवस्था हो। महिलाओं के प्रति अपराधों पर भी नजर रखें। प्रत्येक जिले में नियमित रूप से कार्य विश्लेषण किया जाए। अपराध नियंत्रण की  शीघ्र ही पुनः समीक्षा की जाएगी।

पंचायतों में हमारे कई तरह के काम चल रहे हैं। सीईओ जिला पंचायत अमृत सरोवर, आजीविका मिशन की गतिविधियां, मनरेगा के काम , ग्रामीण आवास सहित जल संरचनाओं के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का विशेष रूप से ध्यान रखे। 

सीईओ जिला पंचायत विशेष रूप से ये ध्यान रखें कि जन कल्याण के कार्यों और योजनाओं में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। ये उनकी ड्यूटी है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

यह सीईओ जिला पंचायत की ड्यूटी है कि नीचे किसी भी क़ीमत पर गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए, अगर हुई तो वह सीधे उसके जिम्मेदार होंगे। आपके पास स्त्रोत होना, चाहिए सूचनाएं आनी चाहिए। सीएम हेल्पलाइन का बेहतर प्रयोग करें। जितनी जनता को लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं हैं वह समय पर सुनिश्चित करें।

सीईओ जिला पंचायत को सारे काम चाहे वह 'अमृत सरोवर' के निर्माण के हो, मनरेगा हो, पीएम आवास हो, पंचायतों में विकास के काम हो, आजीविका मिशन की गतिविधियां हो, इन सब को ठीक से देखना है। 'अमृत सरोवर' उदाहरण बनना चाहिए।
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