रिटायर कर्मचारी की जगह संविदा कर्मचारी का संविलियन करने की मांग- Samvida karmchari news

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भोपाल। अगले दो साल में प्रदेश के सभी विभागों से ढाई लाख नियमित कर्मचारी सेवा निवृत्त हो जायेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के रिटायर होने से प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा जाएगी। लगातार चुनाव के कारण भर्ती नहीं हो पाएगी और सरकारी काम ठप हो जाएगा।

प्रदेश के सभी विभागों में एक लाख संविदा कर्मचारी अधिकारी काम कर रहे हैं, जिनको नियमित कर्मचारियों से एक चौथाई वेतन मिलता है, और काम नियमित कर्मचारियों से ज्यादा करना पढ़ता है। वही संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों से ज्यादा अच्छी योग्यता और तकनीकी ज्ञान रखते हैं उसके बावजूद संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया। आधिकांश कर्मचारी ओवर एज होने की कगार पर हैं। इसलिए संविदा  कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर नियमित पदों से सेवानृवित्त हो रहे कर्मचारियों के स्थान पर संविलयन करते हुए नियमित किया जाना चाहिये। 

इस प्रकार नियमित करने से सरकार पर कोई आर्थिक वित्तीय भार भी नहीं आयेगा। इस प्रकार का ज्ञापन मुख्यमंत्री जी को संबोधित करते हुये संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रमेश चंद्र शर्मा को मंत्रालय स्थित उनके कक्ष में जाकर ज्ञापन सौंपा। रमेश चंद्र शर्मा जी ने संविदा कर्मचारियों की भावनाओं को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुँचाने का आश्वासन दिया और कहा कि कर्मचारी कल्याण समिति संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने के पक्ष में है और मुख्यमंत्री तक आपकी बात रखने के लिये मैं हर संभव प्रयास करुंगा। 

इस अवसर पर म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर, मुजीब खान, अनिल ठाकुर, अवधकुमार गर्ग, योगेश ढोके, मनोज सक्सेना सहित अनेक   कर्मचारी नेता उपस्थित थे।