INDORE HIGH COURT ने अक्षर नर्सिंग कॉलेज तत्काल खोलने का आदेश दिया

इंदौर।
इंदौर हाईकोर्ट ने प्रशासन को अक्षर नर्सिंग कॉलेज का तत्काल ताला खोलने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि कॉलेज के खिलाफ पहले से नर्सिंग काउंसिल में शिकायतें पेंडिंग हैं। इसलिए जिला प्रशासन द्वारा ताला लगाना सही नहीं है। कोर्ट ने अपर कलेक्टर से शपथ पत्र पर जवाब मांगा है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा लगाए ताले को तुरंत खोलने के आदेश दिया।

पिछले महीने कई स्टूडेंट्स की ओर से की गई शिकायतें और उसमें फर्जीवाड़ा पाए जाने पर जिला प्रशासन ने नर्सिंग कॉलेज पर ताला लगा दिया था। इसके बाद नर्सिंग कौंसिल भोपाल और जिला प्रशासन ने वहां छानबीन कर 26 स्टूडेंट्स की मार्कशीट उन्हें लौटाई थी। इसी के साथ अन्य स्टूडेंट्स की मार्कशीट व फीस लौटाई जानी थी। इस बीच कॉलेज के कर्ताधर्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई। इसमें प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती देकर ताला खोलने की अपील की गई।

सुनवाई में कॉलेज प्रबंधन की ओर से एडवोकेट योगेश कुमार गुप्ता ने तर्क रखा कि नर्सिंग कालेज मप्र राज्य नर्सिंग काउंसिल से रजिस्टर्ड है। - मार्च में परीक्षा के बाद से कॉलेज बंद है। - नर्सिंग कालेज के कुछ विद्यार्थी बगैर क्लीनिकल ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पाना चाहते हैं। कॉलेज प्रबंधन इन विद्यार्थियों से बार-बार ट्रेनिंग के लिए उपस्थित होने को कह रहा है, लेकिन वे उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने बगैर कालेज प्रबंधन को सूचना दिए ताला लगाया है। ज्यादातर विद्यार्थियों ने पूरी फीस जमा नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कहा कि स्टूडेंट्स ने इस मामले में 19 अप्रैल को नर्सिंग काउंसिल में शिकायत भी दर्ज कराई थी, जो पेंडिंग है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.