10वीं-12वीं के स्टूडेंट को बाबर और हुमायूं के इतिहास से मुक्ति मिली - SCHOOL EDUCATION NEWS

नई दिल्ली।
हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के स्टूडेंट की हिस्ट्री के सब्जेक्ट में सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह थी कि उन्हें बाबर और हुमायूं के उस इतिहास का रट्टा मारना पड़ता था जिसमें उनका कोई इंटरेस्ट नहीं था। भारत की राजनीतिक आजादी के 75 साल बाद स्कूल स्टूडेंट्स को मुगलों के इतिहास से मुक्ति मिल गई है।

CBSE- 10वीं और 12वीं का कोर्स बदला, नया सिलेबस जारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2022-23 का 9वीं से 12वीं का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। पाठ्यक्रम में कई महत्वपूर्ण पाठ घटाए और बढ़ाए गए हैं। बोर्ड ने किताबों में 'लोकतंत्र और विविधता' से संबंधित पाठों को हटाया है। इसमें 11वीं के इतिहास विषय में ‘सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स’ भी शामिल है। इस पाठ की जगह घुमंतू साम्राज्य (नोमैडिक इंपायर्स) पाठ को शामिल किया गया है।

हालांकि, नोमैडिक इंपायर्स पाठ साल 2019 व उससे पहले भी इतिहास की पुस्तक में पढ़ाया जाता रहा है, लेकिन कोरोना के मद्देनजर छात्रों के पाठ्यक्रम को घटाने के क्रम में सत्र 2020-21 और 2021-22 में इसे हटा दिया गया था। सीबीएसई ने अब सत्र 2022-23 के पाठ्यक्रम में दो साल बाद इसे फिर से जारी रखने का निर्णय लिया है।

इसी तरह 12वीं की राजनीति शास्त्र की पुस्तक से मुगल अदालतों के इतिहास, शीत युद्ध और गुटनिरपेक्ष आंदोलन’ के पाठ को भी हटा दिया है। 10वीं की पाठ्यपुस्तक ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स II’ के ‘धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति– सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्ष राज्य’ पाठ से पाकिस्तानी शायर फैज अहमद फैज की शायरी भी हटाई है। ये शायरी पेज नंबर 46, 48, 49 पर तस्वीरों के जरिए दिखाई गई थी।

इसके साथ ही 10वीं से खाद्य सुरक्षा के पाठ से कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव के हिस्से को भी हटा दिया गया है। हटाए गए सभी पाठ बीते कई सालों से सीबीएसई के पाठ्यक्रम का हिस्सा थे। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.