GWALIOR का गौरव दिवस तो 18 जून लक्ष्मी बाई शहीद दिवस ही हो सकता है- My opinion by chidanand dangoriya

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपील की है कि ग्वालियर गौरव दिवस मनाया जाना है। उन्होंने ग्वालियर की जनता से अपील की है कि वह ग्वालियर गौरव दिवस की तारीख सुनिश्चित करें। इससे पहले उन्होंने अपने गांव चैत के गौरव दिवस के लिए नर्मदा जयंती का दिन निर्धारित किया है। मैं पूरी विनम्रता के साथ ग्वालियर गौरव दिवस के लिए 18 जून की तारीख प्रस्तावित करता हूं। 

ग्वालियर गौरव दिवस के लिए 18 जून ही क्यों

ग्वालियर गौरव दिवस के लिए मेरे मत के अनुसार सिर्फ दो ही तारीख उचित हो सकती हैं। पहली 21 दिसंबर, राजा मानसिंह का जन्म दिवस और दूसरी 18 जून महारानी लक्ष्मी बाई का बलिदान दिवस। मेरा मत है कि इस विषय में थोड़ा सा ग्वालियर का स्वार्थ भी जोड़ना चाहिए। दिसंबर के महीने में ग्वालियर में काफी ठंड पड़ती है। ग्वालियर गौरव दिवस मनाया तो पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पाएंगे। 

18 जून, ग्वालियर में ग्रीष्म ऋतु के समापन का समय होता है। परीक्षाएं समाप्त हो जाती है, बारिश का मौसम शुरू नहीं होता। जो लोग गर्मियों की छुट्टी में बाहर जाते हैं वह भी वापस लौट आते हैं। देर रात तक उत्सव मनाया जा सकता है। पर्यटन की दृष्टि से काफी लाभ हो सकता है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा सकती है क्योंकि पर्यटन की दृष्टि से 18 जून को काफी लाभ हो सकता है। 

यह ग्वालियर के लिए गौरव की बात है कि सन 1857 की क्रांति की महानायिका लक्ष्मी बाई ने कुछ समय के लिए ही सही लेकिन ग्वालियर को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करा दिया था। अन्यथा ग्वालियर तो तोमर वंश की सत्ता जाने के बाद से बाहरी या विदेशियों के कब्जे में ही रहा है।

मैंने सिर्फ अपना ओपिनियन प्रस्तुत किया है। यदि आप भी मेरे प्रस्ताव से सहमत हैं तो कृपया इसे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएं। 
मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र व्यवहार का पता है:- ५वीं मंजिल, वल्लभ भवन-२, मंत्रालय, अरेरा हिल्स, भोपाल
मुख्यमंत्री कार्यालय का ट्विटर हैंडल है:- @CMMadhyaPradesh 
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