पंचायत सचिवों को कलेक्टर की धमकी: 99% से कम दिखा तो फांसी पर चढ़ा दूंगा- GWALIOR NEWS

ग्वालियर
। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का एक वीडियो वायरल हो गया है। इसमें वह कर्मचारियों को धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों के पैरों में पड़ो, उनसे प्रार्थना करो, कुछ भी करो। लेकिन मुझे टीके चाहिए वरना फांसी पर टांग दूंगा। कुल मिलाकर कलेक्टर का कहना है कि यदि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो फांसी पर टांग दूंगा।

टीकाकरण में लापरवाह कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दूंगा: ग्वालियर कलेक्टर

यह वीडियो भितरवार विकासखंड का बताया जा रहा है। कलेक्टर ने यहां 18000 टीकों का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य पूरा नहीं हुआ इसलिए कौशलेंद्र विक्रम सिंह भड़क गए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को भी जमकर फटकार लगाई। चेतावनी दी कि 18000 वैक्सीनेशन का लक्ष्य अगर पूरा नहीं किया जाता है तो मैं सभी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत टर्मिनेट करने की कार्रवाई करूंगा।

एसडीएम ने लिस्ट दिखाई तो फाड़ कर फेंक दी

कलेक्टर जैसे ही वैक्सीनेशन की समीक्षा करने सामुदायिक भवन पहुंचे, तो वह सबसे पहले कलेक्टर और एसडीएम से मुखातिब होते हुए बोले भितरवार ब्लॉक में दूसरा डोज का लक्ष्य पूरा करने के लिए कितने लोग शेष रह गए हैं। इस पर भितरवार तहसीलदार श्यामू श्रीवास्तव द्वारा सूची दिखाई गई जिसमें लगभग 3 हजार लोग शेष बताए गए। जिसे देख कलेक्टर सिंह भड़क गए और उन्होंने तहसीलदार एसडीएम द्वारा दी गई सूची को वहीं फाड़ कर फेंक दिया। 

पंचायत सचिवों से कहा: 99% से कम दिखा तो फांसी पर चढ़ा दूंगा

उन्होंने अपने आक्रोशित तेवर के साथ पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों से टीका लगवाने से शेष रहे लोगों के बारे में सवाल पूछे लेकिन वे उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने कहा कि 2 दिन के अंदर ऑनलाइन जो शेष दिख रहे हैं ग्रामवार उसका वैक्सीनेशन अगर 99% से कम दिखता है तो उन्हें वही जाकर फांसी पर चढ़ा दूंगा। इसके लिए तुम्हें चाहे पहाड़ी चढना पड़े या खेतों में कूदना पड़े सर्दी पड़े या ओले पड़े मुझे हर हाल में प्रत्येक गांव वैक्सीनेशन में अप टू डेट दिखना चाहिए।

भितरवार में कलेक्टर को टॉयलेट तक नहीं मिला

वैक्सीनेशन की समीक्षा करने के लिए जैसे ही कलेक्टर सिंह पटिया वाले बाबा पार्क स्थित सामुदायिक भवन पर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें शौचालय की आवश्यकता हुई। सामुदायिक भवन में एक शौचालय है परंतु जैसे ही कलेक्टर वहां पहुंचे, उल्टे पांव लौट आए। शौचालय में भारी गंदगी थी। कलेक्टर रेस्ट हाउस गए और निवृत्त होने के बाद बैठक लेने वापस आए। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.