MP POLICE BHARTI में खिलाड़ी कोटा पॉलिसी को रिव्यू करने की जरूरत

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने पुलिस भर्ती में खिलाड़ी कोटा (50 आरक्षक और 10 सब इंस्पेक्टर) तो घोषित कर दिया परंतु पॉलिसी कुछ ऐसी बनाई गई है कि इस कोटे का लाभ ज्यादातर खिलाड़ी नहीं लेंगे, क्योंकि उनके पास इससे बेहतर विकल्प होंगे।

मेडलिस्ट खिलाड़ी मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर नहीं बनना चाहता

खिलाड़ी कोटे से मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी के लिए शर्त रखी गई है कि खिलाड़ी को ओलंपिक, एशियाड या कॉमन वेल्थ गेम का मेडलिस्ट होना जरूरी है। यदि बात पार्टिसिपेट करने की होती तो फिर भी ठीक था परंतु मेडलिस्ट होने की शर्त रखी गई है। मध्यप्रदेश में फिलहाल 4 खिलाड़ी हैं, जो सब इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए इस शर्त के अनुसार एलिजिबल हैं परंतु उनमें से कोई भी इस जॉब के लिए अप्लाई नहीं करना चाहता। 

विवेक प्रसाद टोक्यो ओलंपिक की ब्रोंज मेडल लिस्ट टीम के सदस्य थे। जिन्हें पिछले ही महीने मध्य प्रदेश सरकार ने सीधे डीएसपी पद पर भर्ती दे दी है। वर्षा वर्मन ने 2014 में इंचिओन एशियन गेम्स की डबल ट्रैप में ब्रॉनज़ जीता था, जो कि अभी USA में जॉब कर रही है। मुस्कान किरार एशियाड सिल्वर मेडलिस्ट के साथ-साथ विक्रम अवार्डी भी हैं इसलिए उसके पास सब इंस्पेक्टर से बेहतर विकल्प है। चौथी खिलाड़ी हर्षिता तोमर एशियाड में ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया है परंतु अभी ग्रेजुएशन कंप्लीट नहीं हुआ है लेकिन ग्रेजुएशन के बाद भी हर्षिता तोमर सब इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए अप्लाई करेंगे या नहीं, फिक्स नहीं है।

हर भर्ती में बाहरी लेकिन खिलाड़ी कोटे में मूलनिवासी 

मध्यप्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में भी दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों को भारत का नागरिक होने के नाते बराबर का मौका दिया जाता है परंतु खिलाड़ी कोटे से भर्ती में ऐसा भी नहीं किया गया कि यदि मूलनिवासी नहीं मिलेंगे तो मध्यप्रदेश के लिए खेलने वाले दूसरे राज्यों के मूल निवासियों को मौका दिया जाएगा। जकार्ता एशियन गेम्स में इंडियन वूमेन टीम ने सिल्वर मेडल जीता था। इसमें मध्य प्रदेश अकादमी ग्वालियर की दो खिलाड़ी रीना खोखर और मोनिका मलिक भी शामिल थीं, दोनों मध्य प्रदेश की तरफ से खेल रही थी परंतु उन्हें नौकरी नहीं दी जाएगी क्योंकि दोनों मध्यप्रदेश की मूल निवासी नहीं है। कुल मिलाकर सब इंस्पेक्टर के 10 पद घोषित किए गए हैं परंतु पॉलिसी ऐसी बनाई है कि भर्ती ही नहीं होगी।


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