मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती- लोक शिक्षण संचालनालय में आज फिर हंगामा हुआ - MP NEWS

भोपाल
। 10 वर्ष बाद हो रही स्थाई शिक्षक भर्ती में प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय दोनों विभागों से मात्र 30,574 शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। जिसके विरोध में शुक्रवार को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के शासकीय स्कूलों के समस्त रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षक भर्ती की मांग की है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा पात्र उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार के नाम एवं लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को ज्ञापन पत्र सौंपकर पद वृद्धि की मांग की गई। इससे पूर्व भी कई बार पात्र अभ्यर्थियों द्वारा राजधानी भोपाल में विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। इस बार पात्रता परीक्षा संघ एवं पात्र अतिथि शिक्षकों ने सामूहिक रुप से स्थाई शिक्षकों के रिक्त पदों में वृद्धि की मांग की है।

स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विभाग घोषित रिक्त पदों पर भी नियुक्ति नहीं कर रहे

उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में शिक्षा विभाग से 17,000 शिक्षकों की भर्ती होना थी परंतु अभी तक 15,000 शिक्षक भर्ती के लिए सूची जारी की गई है। शेष 2000 पदों पर सूची जारी कराने की मांग भी ज्ञापन पत्र में की गई है। वही माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कुल 5,670 पदों पर भर्ती की जा रही है जिसमें विज्ञान के मात्र 50, सामाजिक विज्ञान के 60 उर्दू के 18, हिंदी के 100, संस्कृत के 772, गणित के 1312 व अंग्रेजी के 3,358 पदों पर भर्ती की जा रही है जिससे पात्र अभ्यर्थियों में आक्रोश अधिक दिखाई दे रहा है प्रदर्शन में सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।

विगत दिनों पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी प्रदेश में 87,000 शिक्षकों की कमी का उल्लेख करते हुए शिवराज सरकार से स्थाई शिक्षकों की भर्ती की मांग की थी। पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अतिथि शिक्षकों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि शिक्षक भर्ती में बहुत कम मात्रा में रिक्त पद दर्शाये गये हैं। जिससे अतिथि शिक्षक शैक्षणिक अनुभव एवं योग्यता रखने के बाद भी शिक्षक भर्ती से बाहर हो गए हैं। 

पात्रता परीक्षा संघ के प्रदेश संयोजक रंजीत गौर के अनुसार प्रदेश सरकार शीघ्र अति शीघ्र रिक्त पदों में वृद्धि के साथ स्थाई शिक्षक भर्ती पूर्ण करे अन्यथा पद वृद्धि के लिए प्रदेश स्तर पर ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार रहेगी।


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