GWALIOR NEWS- 10 महीने में विधायक को तलाशने तक नहीं निकली पुलिस, अब तक तीन FIR दर्ज

ग्वालियर
। 10 महीने और 3 आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुकी है लेकिन ग्वालियर पुलिस सुमावली विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के विधायक अजब सिंह कुशवाहा को ढूंढ नहीं पा रही है। मुरैना के अनपढ़ किसान भी अजब सिंह कुशवाहा से मिलकर आ रहे हैं लेकिन ग्वालियर पुलिस को विधायक अजब सिंह कुशवाह कहीं नहीं मिलते। गिरफ्तार करना तो दूर की बात ग्वालियर पुलिस अजब सिंह को तलाशने के लिए मुरैना तक नहीं जा रही है। 

विधायक अजब सिंह कुशवाहा की कहानी, जो शिकायतकर्ताओं ने बताई

मुरैना जिले के सुमावली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह बिल्डर व कॉलोनाइजर भी हैं। वर्ष 2010 में उन्होंने महाराजपुरा के विक्रमपुर और सोहनपुर में कॉलोनी काटी थी। तब उनसे डीडी नगर के प्रॉपर्टी डीलर सीताराम शर्मा ने करीब 42 हजार स्क्वॉयर फीट जगह खरीदी थी। यह प्लॉट थे और प्रॉपर्टी डीलर ने कई लोगों से रुपए लेकर यह खरीद की थी। करीब 1.86 करोड़ रुपए अजब सिंह दिए थे, उन्होंने रजिस्ट्री भी अपने कुछ साथियों से करा दी थी, लेकिन प्लॉट आजतक नहीं मिले। 11 साल तक विधायक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के लिए पीड़ित सीताराम भटकता रहा। आखिर में 5 सितंबर 2021 में मामला दर्ज हुआ, लेकिन उसके बाद पुलिस अफसरों ने न तो उसकी गिरफ्तारी की न ही पूछताछ। इससे मानसिक रूप से तनाव में घिरे प्रॉपर्टी डीलर ने विधायक के घर पहुंचकर जहर खा लिया था। बुधवार को उसकी मौत हुई थी। इसके बाद विधायक सहित 5 लोगों पर सीताराम को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज किया गया। पर पुलिस दो दिन में विधायक और उसके किसी भी साथी को तलाश नहीं कर पाई है। 

विधायक अजब सिंह कुशवाहा के खिलाफ कितने मामले दर्ज

मुरैना सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह पर ग्वालियर में तीन मामले अभी तक दर्ज हैं। दो मामले महाराजपुरा और एक गोला का मंदिर थाने में दर्ज हैं। जो इस प्रकार हैं।

पहला मामला 19 जनवरी 2021 को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना में जमीन संबंधी धोखाधड़ी का दर्ज हुआ था। मामला दर्ज कराने वाले प्रॉपर्टी कारोबारियों ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस जांच ही कर रही है।

दूसरा मामला 5 सितंबर 2021 को प्रॉपर्टी डीलर सीताराम शर्मा की शिकायत पर 42 हजार स्क्वॉयर फीट की जमीन की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। घटना 2010 की थी, लेकिन सीताराम को दर्ज कराते-कराते 11 साल लग गए। इसमें भी विधायक सहित उनके दामाद और 5 लोगों पर FIR दर्ज की है। 

तीसरा मामला 27 अक्टूबर को प्रॉपर्टी डीलर सीताराम के विधायक के घर पहुंचकर जहर खाने से उसकी मौत के बाद उसके बेटे की शिकायत पर विधायक अजब सिंह समेत 5 लोगों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

10 महीने में ग्वालियर पुलिस ने क्या किया

सुमावली विधायक को पकड़ने के लिए पुलिस ने कुछ नहीं किया। दस महीने पहले हुई FIR में महाराजपुरा पुलिस ने तलाशना तो दूर ढंग से बयान तक नहीं लिए हैं। गोला का मंदिर में दो दिन पहले विधायक अजब सिंह पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है। गोला का मंदिर पुलिस विधायक के घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला है। TI विनय शर्मा अपनी टीम के साथ विधायक और उनके साथियों की तलाश में गए थे, लेकिन घर पर ताला लगा हुआ है। क्योंकि गोला का मंदिर स्थिति काल्पीब्रिज कॉलोनी में विधायक का आलीशान घर के बाहर ही प्रॉपर्टी डीलर ने जहर खाकर जान दी थी। इस मामले में पुलिस कप्तान का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है। आरोपी कोई भी हो कानून से बड़ा नहीं हो सकता।


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