GWALIOR हाईकोर्ट ने भिंड AGP के खिलाफ कार्रवाई हेतु प्रमुख सचिव को लिखा

ग्वालियर
। भिंड में हुई हत्या के एक मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने AGP (अपर लोक अभियोजक) संजय कुमार शर्मा की निष्ठा एवं विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए विधि विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि वह इस मामले में निर्णय लें। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाए और सुनिश्चित किया जाए कि संजय कुमार शर्मा अपने पद पर बने रहने के योग्य हैं अथवा नहीं। तब तक के लिए संजय कुमार शर्मा के पास जितने भी फाइल हैं, वापस ले ली जाएं।

AGP ने हत्या के मामले में दो गवाहों की गवाही नहीं कराई थी

आरोपित शिवसिंह तोमर को 25 मार्च 2021 को भिंड जिले के बरासो थाना पुलिस ने हत्या के अपराध में गिरफ्तार किया था। याचिका में दावा किया गया था कि सभी चश्मदीद गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं। किसी भी गवाह ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया। कोर्ट ने जब क्रॉस वेरीफाई किया तो पता चला कि दो चश्मदीद गवाह हरिओम और सरनाम सिंह के बयान दर्ज नहीं हुए। सरकारी वकील ने दोनों के नाम गवाहों की लिस्ट से हटाने का निवेदन किया है। 

AGP की दलील- कोर्ट का समय बचेगा और निर्णय जल्दी हो सकेगा

जब कोर्ट ने कारण पता लगाया तो एजीपी संजय कुमार शर्मा का शपथ पत्र मिला जिसमें लिखा था कि मामले के चार गवाह पक्षद्रोही हो गए हैं, यानी पुलिस को दिए बयान से कोर्ट में पलट गए हैं, इसलिए शेष दोनों चश्मदीद गवाहों की गवाही निरस्त की जाए जिससे कोर्ट का महत्वपूर्ण समय बचेगा एवं लंबित प्रकरण का निर्णय जल्दी हो सकेगा।

हाई कोर्ट ने इन बातों पर जताया आश्चर्यः

-यह तथ्य चौंकाने वाला है कि परीक्षण का संचालन करने वाले एजीपी ने ऐसे महत्वपूर्ण गवाह को छोड़ दिया जो कि मृतक का पिता है। इसमें इस बात का उल्लेख नहीं है कि हरिओम और सरनाम सिंह ने एजीपी से संपर्क कर कहा था कि वे अभियोजन कथा का समर्थन नहीं करेंगे। इस तरह संजय शर्मा कैसे जान रहे थे कि दोनों गवाह अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं करेंगे। यह एक रहस्य है। जब दीपक भी अभियोजन का समर्थन नहीं कर रहे थे तब संजय कुमार शर्मा ने उन्हें आवेदन करके क्यों नहीं छोड़ा। इस प्रकार उन्होंने मनमाने तरीके से आईविटनेस को छोड़ा।

-कोर्ट ने कहा कि संजय कुमार शर्मा ने विश्वास खो दिया है। लिहाजा लोक अभियोजक भिंड को निर्देश दिए कि वे इस मामले की फाइल संजय कुमार से तत्काल वापस लें एवं लोक अभियोजक स्वयं इस केस को देखेंगे। अन्य महत्वपूर्ण GWALIOR NEWS पढ़ने के लिए कृपया LINK क्लिक करें


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