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मध्य प्रदेश स्कूल गाइडलाइन: पेरेंट्स ने एक बार सहमति लिख दी तो नियमित क्लास अनिवार्य - MP NEWS

भोपाल
। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने अंततः प्राइवेट स्कूल संचालकों के सामने घुटने टेक ही दिए। स्कूल संचालन के लिए शासन द्वारा जो गाइडलाइन जारी की गई है उसमें स्कूल संचालकों को फायदा और पेरेंट्स की परेशानी बढ़ेगी। यदि माता-पिता ने एक बार स्कूल की नियमित कक्षा में जाने के लिए सहमति लिख दी तो फिर वह पूरे सत्र के लिए मान्य हो जाएगी और उसे वापस नहीं लिया जा सकेगा। यह गाइडलाइन हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल (10th-12th) के लिए जारी की गई है।

मध्य प्रदेश स्कूल संचालन गाइडलाइन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं

बोर्ड की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल नियमित रूप से पूरे निर्धारित समय के लिए संचालित रहेंगे।
विद्यार्थियों को इस तरह बुलाया जाएगा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या एक साथ अधिक ना हो, ताकि SOP का पालन किया जा सके। (अधिक से तात्पर्य कितना है यह स्पष्ट नहीं किया गया)

विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। यह माता-पिता अभिभावकों की सहमति पर निर्भर होगा लेकिन यदि माता-पिता या अभिभावकों द्वारा एक बार सहमति दी गई तो वह पूरे सत्र के लिए मान्य होगी। यदि स्कूल की व्यवस्थाओं से अभिभावक संतुष्ट नहीं होते तो वह अपनी सहमति वापस नहीं ले पाएंगे। 

कक्षा 9वीं एवं 11वीं के लिए विद्यार्थियों की संख्या एवं उपलब्ध अध्यापन कक्ष के आधार पर प्राचार्य द्वारा स्थानीय स्तर पर कक्षाओं के संचालन के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। 

समय-समय पर जारी विभागीय आदेश के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी, जो विद्यार्थी इस माध्यम से पढ़ना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाए।
प्रदेश के स्कूलों में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ पूरी तरह उपस्थित रहेंगे।
छात्रावास एवं आवासीय विद्यालय के छात्रावासों को खोले जाने की अनुमति नहीं होगी। आवासीय विद्यालय डे-स्कूल रूप में खोले जा सकेंगे।

विद्यालय में प्रार्थना, सामूहिक गतिविधियां, खेलकूद एवं स्वीमिंग पूल आदि गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी। किसी भी परिस्थिति में छात्र एक स्थान पर जमा न हों इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाना अनिवार्य है।
छात्रों को लाने ले जाने वाले वाहनों को सैनिटाइज किए जाने से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जाना अनिवार्य होगा। 

गाइड लाइन में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं है 

  • गाइड लाइन में स्कूलों को पालन के लिए पाबंद नहीं किया गया। 
  • स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि कोई स्कूल गाइडलाइन का पालन नहीं करता तो उसके संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। 
  • स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि स्कूल में विद्यार्थी कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाते हैं तो उनके इलाज का खर्चा कौन देगा। 
  • स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि विद्यार्थी की कोरोनावायरस से संक्रमित होकर मृत्यु हो जाती है तो स्कूल संचालक को गिरफ्तार किया जा सकता है या नहीं। 
  • स्पष्ट नहीं किया कि यदि अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुनते हैं तो उन्हें कितनी फीस अदा करनी होगी। 
  • स्पष्ट नहीं किया कि यदि स्कूल विद्यार्थी को सप्ताह में 4 दिन बुलाता है तो उसे परिवहन का पूरा पैसा देना होगा या आधा। 
  • स्पष्ट नहीं किया कि क्या अभिभावक अपनी लिखित समिति को सत्र पूरा होने से पहले निरस्त कर सकते हैं।

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