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नकली प्लाज्मा कांड में रेड क्रॉस के पदाधिकारी संदिग्ध, अजय त्यागी गिरफ्तार - GWALIOR NEWS

ग्वालियर।
शहर के प्राइवेट अस्पतालों में नकली प्लाज्मा सप्लाई करने वाले रैकेट के तार रेडक्रॉस तक पहुंच गए हैं। ग्वालियर पुलिस ने रविवार को करीब 10 रेडक्रॉस पदाधिकारियों के यहां दबिश दी। इससे पहले पुलिस ने नकली प्लाज्मा सप्लाई करने वाले रैकेट के सरगना और जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) के लैब अटेंडर मनीष त्यागी के भाई अजय त्यागी को गिरफ्तार कर दिया था। बताया जा रहा है कि अजय त्यागी के बयान के बाद ही रेडक्रॉस के पदाधिकारियों का नाम सामने आया है।

रैकेट बहुत बड़ा है, सिर्फ नकली प्लाज्मा ही नहीं और भी बहुत कुछ है

पड़ाव थाना पुलिस ने पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद आधी रात को अजय त्यागी सहित तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दो अन्य आरोपित पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। दो अन्य आरोपितों में जगदीश व महेंद्र बताए गए हैं। अब क्राइम ब्रांच की टीम अजय त्यागी से प्लाज्मा कांड के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस रैकेट में रेडक्रास से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर रेडक्रास से जुड़े लगभग 8 से 10 लोगों के घरों पर दबिश भी दी है। सूत्रों का कहना है कि यह रैकेट बहुत बड़ा है। इसका धंधा सिर्फ नकली प्लाज्मा ही नहीं बल्कि और भी बहुत कुछ है। नेटवर्क ग्वालियर शहर के लगभग सभी प्राइवेट अस्पतालों में है। सरकारी अस्पताल भी कनेक्शन में है।

नकली प्लाज्मा से दतिया के व्यापारी मनोज गुप्ता की मौत हुई थी

उल्लेखनीय है कि अपोलो अस्पताल में प्लाज्मा चढ़ाने के दौरान दतिया के कारोबारी मनोज गुप्ता की तबीयत बिगडऩे के बाद 10 दिसंबर को मौत हो गई थी। इसके बाद स्वजनों ने आरोप लगाया था कि प्लाज्मा उन्होंने 18 हजार में जेएएच से खरीदा था। उनके हंगामे के बाद प्लाज्मा की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। 

कलेक्टर-एसपी दोनों थाने में बैठे थे 

हाई प्रोफाइल प्लाज्मा कांड में सुबह से ही पुलिस एफआइआर दर्ज करने के लिए सक्रिय थी। एसपी अमित सांघी थाने जाकर बैठ गए थे। जांच रिपोर्ट के साथ पीएम रिपोर्ट के लिए संबंधित अधिकारियों से एसपी ने बात की। संदेहियों से पूछताछ भी की। शाम को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के साथ एसपी पड़ाव थाने पहुंच गए। एएसपी सतेंद्र सिंह तोमर, डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर, सीएसपी नागेंद्र सिंह के साथ एफआइआर दर्ज करने के लिएम मंथन किया। कलेक्टर के थाने पहुंचने से पहले आरक्षक पीएम रिपोर्ट लेकर थाने पहुंच गया था। 

कलेक्टर-एसपी के निर्देश पर तीन लोगों को आरोपी बनाया गया

पड़ाव थाना प्रभारी मुकेश शर्मा पीएम रिपोर्ट को बगैर देखे सीधे सीएसपी ऑफिस में बैठे एएसपी सतेंद्र सिंह तोमर के पास पहुंचे। पीएम रिपोर्ट के अध्ययन करने के बाद कलेक्टर व एसपी ने संयुक्त रूप से अजय त्यागी सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्णय लिया। रात 12 बजे तीन लोगों के खिलाफ धारा 304, 420, 465, 467, 468, 471 व 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

न्यायाधीश बनकर कमिश्नर को धमका चुका है: 

प्लाज्मा कांड का मास्टरमाइंड अजय त्यागी पूर्व में भाई के रिवाल्वर के लाइसेंस के लिए तत्कालीन संभागीय आयुक्त को न्यायाधीश बनकर धमका चुका है। 

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