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सरकारी कर्मचारी द्वारा बनाए गए निशान मिटाना भी अपराध है, पढ़िए किस धारा में मामला दर्ज होगा - ASK IPC

शासकीय कार्रवाई के दौरान कई बार शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जमीन पर कुछ निशान बनाए जाते हैं। जमीन की नपती के दौरान, अतिक्रमण के मामलों में, या फिर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आवाजाही के लिए अथवा दर्शकों के श्रेणी विभाजन के लिए निशान बनाए जाते हैं। इसी प्रकार पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की जाती है। यदि कोई व्यक्ति शासकीय कार्य के लिए बनाए गए निशान को मिटाता है या बदलता है, तो ऐसा करना अपने आप में एक गंभीर अपराध है। आइए जानते हैं भारतीय दंड संहिता की किस धारा के तहत इस तरह के अपराध को दर्ज किया जाता है।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 434 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति किसी लोक प्राधिकारी या सरकारी कर्मचारी/अधिकारी द्वारा लगाए गए भूमि पर निशान (बैरियल भी), चिन्हों को उनके कब्जे वाले स्थान से मिटाएगा, हटाएगा, नष्ट करेगा तब जैसा करने वाला व्यक्ति धारा 434 के अंतर्गत अपराधी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 434 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं, यह असंज्ञेय एवं जमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकता है। सजा- एक वर्ष की कारावास या जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जा सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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