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कीटनाशक दवाएं खुले में रखना अपराध है, जेल जाना पड़ता है: क्या आप जानते हैं / ABOUT IPC

आज कल आम तौर पर देखा जाता है कि खेतों में छिड़काव के लिए कई तरह की कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। जिससे फसलों को कोई नुकसान न हो, पर खेतों में छिड़काव के दौरान कोई व्यक्ति या किसान लापरवाही बरतते हुए उन विषैली दवाइयों को ऐसे स्थान पर रख देते हैं जिससे किसी व्यक्ति या जनसाधारण को क्षति होने की संभावना हो। ये सामान्य लापरवाही भी भारतीय दण्ड संहिता में एक अपराध की श्रेणी में आती हैं।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 284 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से निम्न कृत्य करेगा वह व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत अपराध होगा:-
1. कोई भी विषैले पदार्थ को मार्केट में खुला बेचेगा जिससे जन-जीवन को संकट उत्पन्न हो।
2. लापरवाही से खेत में विषैली दवाई का छिड़काव करेगा जिससे लोगों को नुकसान होने की संभावना मात्र हो।
3. विषैले पदार्थ को ऐसे स्थान पर लापरवाही से रखेगा जिससे लोगों को क्षति या उपहति होने की संभावना मात्र हो।

आईपीसी की धारा 284 के तहत दण्ड का प्रावधान

इस तरह के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते है। यह संज्ञये अपराध एवं जमानतीय होते है। इनकी सुनवाई किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती हैं।
सजा-  इस अपराध के लिए 6 माह की कारावास या जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जा सकता है।
बी. आर.अहिरवार होशंगाबाद (पत्रकार एवं लॉ छात्र) 9827737665


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